У нас вы можете посмотреть бесплатно प्रेम का मार्ग बांका रे | Prem Ka Maarg Baanka Re | संत कबीर साहेब के शब्द ( или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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संत शिरोमणि कबीर साहेब जी ! सतगुरु ईन्द्रमणी साहेब जी ! सत साहेब, सतनाम , सत श्री अकाल ! #shabad टेक - प्रेम का मार्ग बांका रे , जिसने दिया शीश प्रेम में अर्पण वाका रे । 1 . यह तो घर है प्रेम का रे , खाला का घर ना । शिश काट चरणा धरे रे , तब बैठ घर माह , देख कायर मन का सांका रे । । 2 . प्रेम प्याला जो पीवे रे ,शीश दक्षिणा दे । लोभी शीश ना दे सके , नाम प्रेम का ले , नहीं वह प्रेम वाका रे । । 3 . प्रेम ना बाड़ी उपजै रे , प्रेम ना हाट बिकाय । राजा प्रजा जे चाहे , शीश देय ले जाए , मिले ना मुक्ति का नाका रे । । 4 . जोगी जंगल सेवाड़ा रे ' सन्यासी दुरवेश । प्रेम बिना पहुंचे नहीं रे ,दुर्लभ गुरु का देश , लेष जौही वर्णन थाका रे । । 5. प्रेम पियाला नाम का रे ,चाखत अधिक रसाल । कबीर पाना कठीन है रे , मांगे शिश कलाल , क्या वो तेरा बाबा काका रे ।। सत साहेब *