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अमेरिका ने भारत समेत सभी देशों को 4 नवंबर 2018 से ईरान से तेल आयात बंद करने की चेतावनी दी है। इस तारीख के बाद जो कंपनियां ईरान के साथ कारोबार जारी रखेंगी उन पर अमेरिका में रोक लगाई जा सकती है। भारत के लिये ईरान तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का निर्यातक है.. भारत के कुल तेल आयात में ईरान का हिस्सा तकरीबन 10.4 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2017-18 के पहले 10 महीनों में यानी अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 के बीच भारत ने ईरान से 184 लाख टन कच्चा तेल ख़रीदा। ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भारत के लिए ईरान बेहद अहम है. यही नहीं तेल आयात के लिए ईरान ने भारत के लिए शर्तों में कुछ रियायतें भी दी हैं। ईरान 60 दिन में पेमेंट लेता है, दूसरे देश 30 दिन का समय देते हैं। सरकार ने कहा है कि भारतीय बास्केट में कई देशों का क्रूड शामिल है। हमें दुनिया में किसी देश से तेल खरीदने में आपत्ति नहीं है।लेकिन जहां तक ईरान से तेल खरीदने का सवाल है तो भारत इस बारे में अपने ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए कदम उठाएगा। Guest : Professor Harsh V. Pant, Distinguished Fellow and Head of ORF’s Strategic Studies, Ashok Sajjanhar, Former Diplomat, Sushil Chandra Tripathi, Former Secretary of Ministry of Petroleum and Natural Gas, A.K. Bhattacharya, Editorial Director, Business Standard, Anchor : Kavindra Sachan