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सुनते आओ राम, श्री राम की महिमा — यह भजन एक दास के हृदय से निकली रामकथा है, जहाँ अयोध्या की दिव्यता, रामराज्य का आदर्श, और रघुकुल की मर्यादा भावपूर्ण शब्दों में प्रकट होती है। त्रेता युग की पावन अयोध्या, राजा दशरथ का धर्ममय राज्य, सरयू तट पर बसी वह नगरी जहाँ हर श्वास में राम बसते थे — इसी अनुभूति को यह भजन स्वर देता है। यह केवल इतिहास नहीं, बल्कि रामनाम की चेतना है — जो आज भी दीप बनकर हृदय में जलती है। 🙏 यह भजन कीर्तन, ध्यान, रामनवमी, दीपोत्सव, और व्यक्तिगत साधना के लिए उपयुक्त है। 🌼 सुनें, गुनगुनाएँ, और रामनाम में डूब जाएँ। 🎵 Lyrics सुनते आओ राम, श्री राम की महिमा, एक दास की वाणी से, एक दास के हृदय से। मैं हूँ मेरे सद्गुरु का दास, रामनाम ही मेरा श्वास। श्री राम… जय राम… जय जय राम… श्री राम… जय राम… जय जय राम… सुनते अयोध्या नगरी की कहानी, त्रेता युग में थी वो महानी। भागीरथ कुल की पावन धरती, रघुकुल की मर्यादा, धर्म की ज्योति॥ राजा दशरथ धर्म के साकार, सिंहासन पर विराजे, न्याय के आधार। पर उस सिंहासन की शोभा बनी, अंत में तो श्री राम ही छाए सभी॥ श्री राम… जय राम… जय जय राम… श्री राम… जय राम… जय जय राम… दिव्य था राजमहल रघुवर का, चार मुख्य द्वार, चारों दिशाओं का। नगर था जैसे संतों का स्वर्ग, जहाँ पाप को न मिलता कोई मार्ग॥ प्रकृति की थी उस पर कृपा अपार, सरयू करती नित्य मंगलाचार। व्यापारियों के लिए दान का भंडार, पर लोभ नहीं, था धर्म का संस्कार॥ श्री राम… जय राम… जय जय राम… श्री राम… जय राम… जय जय राम… अन्न से भरी, पुष्पों से सजी, पीड़ा से दूर, करुणा में रमी। कोई न दुखी, कोई न हीन, हर जन के हृदय में राम नवीन॥ घरों में दीप, मन में उजास, रामराज्य का अद्भुत प्रकाश। न भय, न शोक, न कोई क्लेश, धर्म ही जीवन, सत्य ही वेश॥ श्री राम… जय राम… जय जय राम… श्री राम… जय राम… जय जय राम… राम की महिमा उस नगरी में, सरयू के तट, हर गली में। अयोध्या थी जैसे वैकुण्ठ समान, जहाँ चलता था केवल राम विधान॥ आज वहाँ वो दिव्यता नहीं, कालचक्र बदला, कथा वही। पर एक युग में थी वो महान, जहाँ श्वास-श्वास में बसते थे राम॥ श्री राम… जय राम… जय जय राम… श्री राम… जय राम… जय जय राम… अयोध्या में दीप जले, केवल रघुनाथ के नाम पले। दीपक बोले, गगन पुकारे, राम बिना कुछ भी न सारे॥ मैं भी वही दास बन गाऊँ आज, रामनाम में खो जाऊँ आज। मेरे सद्गुरु के चरणों में प्रणाम, उनकी कृपा से मिला रामनाम॥ श्री राम… जय राम… जय जय राम… श्री राम… जय राम… जय जय राम… सुनते आओ राम, श्री राम की महिमा, रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई॥ श्री राम… जय राम… जय जय राम… श्री राम… जय राम… जय जय राम… श्री राम… जय राम… जय जय राम… #ShriRam #JaiShriRam #RamBhajan #Ayodhya #RamKatha #Raghukul #RamRajya #IndianSpirituality #DevotionalSong #BhaktiGeet #HinduBhajan #RamNavami #DiwaliBhajan #SantParampara #NaamSmaran