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Accompanists: Tabla-Shri Rohan Chinchore Harmonium- Shri Leeladhar Chakradev Tsnpura- Shri Rahul Rathod & Ms Ashwini Kulkarni LYRICS: राग बागेश्री विलंबित ख्याल- ताल एकताल स्थायी: सखी मन लागे ना, काहूँ जतन जिया मानत नाही मोरा समझाय रही ।। अंतरा: ना जानूँ बालम मिले कबहुँ, इब्राहिम संग प्रीत लगाय पछताय रही ।। द्रुत ख्याल- ताल एकताल स्थायी: बरदायनी हो री, बरदायनी धन री, धन धन री, जय री, सब विघ्न हरो हमरो ।। अंतरा: गले फूल माल शोभे, कर त्रिशूल, परशु हाथे, सब असुर कर संहारो।। द्रुत ख्याल- तराना- ताल तीनताल स्थायी: तनन देरेना तदानी दीम, तन दीम तन देरेना देरेना तदीम दीम दीम ।। अंतरा: देरेना देरेना दीम नितान्न देरेना तानोम देरेना तदरे दानी तन तदारे ताद्रेदानी धिन धिन त्रक धिन ता धिन तिरकिट तक धुम क़डान तट घे घे धिट घे घे धिन ता, (तक घिड़ान धेत गादिगन धा) -३ ।। राग अहिमोहिनी मध्यलय ख्याल- ताल तीनताल (पं. कुमार गंधर्व) स्थायी: आखियाँ नि फेरो सैयाँ, मारुणी थारी उबी अरज करीहों ।। अंतरा: निठुर जी ना बनो फेरिल्यो मुख अब मारुणी थारी उबी अरज करीहों ।। राग गारा- जंगला ठुमरी- मध्यलय दीपचन्दी स्थायी: काहे री ननदिया मारे बोल अबहूँ मँगाये विख खाय मरूँगी हो! अंतरा: लाज के मारे, कछु ना कहत हूँ जोबन करत सोर!