У нас вы можете посмотреть бесплатно भारतीय अर्थव्यवस्था का रहस्य: डॉ. अंबेडकर 'द प्रॉब्लम ऑफ द रुपी' The Problem of the Rupee Explained или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
नमस्कार दोस्तों! 🙏 'BuddhismInHindiAi' के इस नए एपिसोड में आपका स्वागत है। आज हम बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के एक ऐसे बौद्धिक पहलू के बारे में बात करेंगे जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है—एक महान अर्थशास्त्री (Economist) के रूप में उनका योगदान। इस वीडियो में हम उनकी ऐतिहासिक कृति "द प्रॉब्लम ऑफ द रुपी: इट्स ओरिजिन एंड इट्स सॉल्यूशन" पर गहराई से चर्चा करेंगे। क्या आप जानते हैं कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की स्थापना के पीछे इसी किताब और बाबासाहेब के विचारों का सबसे बड़ा हाथ था? 1923 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में प्रस्तुत की गई उनकी यह थीसिस आज भी अर्थशास्त्र के क्षेत्र में एक मील का पत्थर मानी जाती है। इस वीडियो में हम जानेंगे: 👉 रुपये की समस्या वास्तव में क्या थी और ब्रिटिश काल में इसका आम भारतीयों पर क्या असर पड़ा? 👉 डॉ. अंबेडकर ने 'गोल्ड स्टैंडर्ड' (Gold Standard) और 'गोल्ड एक्सचेंज स्टैंडर्ड' के बीच क्या महत्वपूर्ण अंतर स्पष्ट किया? 👉 कैसे इस किताब के सशक्त तर्कों के आधार पर हिल्टन यंग कमीशन (Hilton Young Commission) ने RBI की रूपरेखा तैयार की। 👉 एक दूरदर्शी अर्थशास्त्री के रूप में बाबासाहेब का आधुनिक भारत के निर्माण में क्या योगदान रहा। अगर आप भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास और डॉ. अंबेडकर की इस महान सोच को विस्तार से समझना चाहते हैं, तो वीडियो को बिना स्किप किए अंत तक जरूर देखें। यह जानकारी आपको मूल्यवान लगे, तो कृपया वीडियो को LIKE करें, इसे अपने दोस्तों के साथ SHARE करें, और ऐसे ही बेहतरीन और ज्ञानवर्धक कंटेंट के लिए buddhismpodcast2026 को SUBSCRIBE करना न भूलें! 🔔 📝 आपकी राय: बाबासाहेब का कौन सा योगदान आपको सबसे अधिक प्रभावित करता है—सामाजिक सुधार या आर्थिक दूरदृष्टि? कमेंट सेक्शन में हमारे साथ जरूर साझा करें। #DrBRAmbedkar #TheProblemOfTheRupee #IndianEconomy #RBIHistory #Babasaheb #Economics #DalitHistory