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90% लोग गरीब क्यों रहते हैं? | किस्मत बदलने की प्रेरणादायक कहानी | #trending #motivation #story 90% लोग गरीब क्यों रहते हैं? | किस्मत बदलने की प्रेरणादायक कहानी | #trending #motivation #story 90% लोग गरीब क्यों रहते हैं? | किस्मत बदलने की प्रेरणादायक कहानी | #trending #motivation #story एक छोटे से कस्बे में आदित्य नाम का एक युवक रहता था। उसके पिता एक साधारण कर्मचारी थे और माँ घरों में सिलाई का काम करती थीं। घर की हालत ठीक नहीं थी, लेकिन आदित्य के मन में हमेशा एक सवाल घूमता रहता था— “हम इतनी मेहनत करते हैं, फिर भी आगे क्यों नहीं बढ़ पाते?” एक दिन आदित्य अपने कॉलेज के पुराने शिक्षक शर्मा जी से मिलने गया। शर्मा जी न केवल पढ़े-लिखे थे, बल्कि जीवन का गहरा अनुभव भी रखते थे। आदित्य ने उनसे सीधा प्रश्न कर दिया— “सर, लोग कहते हैं कि मेहनत करो तो सब मिल जाता है, फिर 90% लोग गरीब क्यों रह जाते हैं?” शर्मा जी हल्के से मुस्कुराए और बोले— “बेटा, यह सवाल बहुत गहरा है। इसका उत्तर पैसों में नहीं, सोच में छिपा है।” वे आदित्य को पास के एक पार्क में ले गए और एक बेंच पर बैठकर बोले— “देखो बेटा, अधिकांश लोग गरीब इसलिए नहीं रहते क्योंकि उनके पास अवसर नहीं होते, बल्कि इसलिए रहते हैं क्योंकि वे अपने अवसर पहचानना ही नहीं सीखते।” आदित्य ध्यान से सुनने लगा। शर्मा जी बोले— “90% लोग रोज़ सुबह उठते हैं, वही काम करते हैं, वही रास्ता अपनाते हैं और शाम को थककर यह कहते हैं— ‘हमारी किस्मत ही खराब है।’ लेकिन वे कभी यह नहीं पूछते कि क्या मैं आज कल से बेहतर बना हूँ?” उन्होंने आगे कहा— “गरीबी का सबसे बड़ा कारण है डर। डर असफल होने का, डर लोगों की बातों का, और सबसे बड़ा डर— परिवर्तन का।” शर्मा जी ने एक उदाहरण दिया— “जब सीखने का समय आता है, लोग कहते हैं— ‘अभी समय नहीं है’, ‘कल से सीखेंगे’, ‘अभी पैसे नहीं हैं।’ और यही ‘कल’ धीरे-धीरे उनकी पूरी ज़िंदगी बन जाता है।” आदित्य ने पूछा— “तो क्या मेहनत करना ही काफी नहीं है, सर?” शर्मा जी गंभीर होकर बोले— “नहीं बेटा। केवल मेहनत करना काफी नहीं, सही दिशा में मेहनत करना जरूरी है। कई लोग पूरी ज़िंदगी मेहनत करते हैं, लेकिन खुद को कभी अपग्रेड नहीं करते।” उन्होंने कहा— “जो व्यक्ति नई चीज़ें सीखता रहता है, अपने कौशल बढ़ाता रहता है, वह चाहे आज गरीब हो, लेकिन हमेशा गरीब नहीं रहता।” थोड़ी देर चुप रहने के बाद शर्मा जी बोले— “90% लोग गरीब इसलिए रहते हैं क्योंकि वे अपनी असफलताओं के लिए सरकार, हालात और दूसरों को दोष देते हैं, लेकिन खुद से कभी सवाल नहीं करते।” आदित्य की आँखों में समझ की चमक दिखने लगी। शर्मा जी ने अंतिम बात कही— “याद रखना बेटा, गरीबी पैसों की कमी से नहीं होती, गरीबी सोच की सीमाओं से होती है। जिस दिन इंसान यह तय कर लेता है कि उसे हर दिन कुछ नया सीखना है, उसी दिन से उसकी गरीबी टूटने लगती है।” आदित्य उठ खड़ा हुआ। आज उसके पास पैसे नहीं थे, लेकिन उसके पास दिशा थी, सोच थी और हौसला था। और यही वह दिन था जब वह 90% से अलग होकर 10% की ओर पहला कदम रख चुका था। 🔥 अंतिम प्रेरणादायक पंक्तियाँ (End Lines) “गरीबी जेब में नहीं होती, गरीबी दिमाग में होती है।” “जो सीखना बंद कर देता है, वही आगे बढ़ना भी बंद कर देता है।”