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भगवान शिव के अनसुने रहस्य | Unheard secrets of Lord Shiva | Story Of Shiva | Happy Life With Shiva #shiva #happy #bhakti #happylife #shiv #viral #viralvideo #video #hindugod #hinduism #hindustories #spiritual #spirituality #spiritualvibes भगवान शिव अनंत और रहस्यों के स्वामी हैं। वे न केवल संहारक बल्कि आदि योगी, अर्ध-नारीश्वर और काल भैरव (समय के स्वामी) हैं, जो सृजन व विनाश का संतुलन दर्शाते हैं। शिवजी का कोई आदि या अंत नहीं है, वे केवल 'शिव' (शाश्वत) हैं, जो राम और रावण दोनों के आराध्य हैं। उनका प्रत्येक रूप और धारण की गई वस्तु (त्रिशूल, राख, नाग) एक गहरा प्रतीकात्मक संदेश है। भगवान शिव के कुछ प्रमुख अनसुने और गूढ़ रहस्य: आदि योगी और आदि गुरु: शिव को पहला योगी और गुरु माना जाता है, जिन्होंने योग का ज्ञान दिया। काल भैरव के रूप में समय: वे न केवल विनाशक हैं, बल्कि समय के स्वामी हैं, जो जीवन और मृत्यु के चक्र को नियंत्रित करते हैं। अर्धनारीश्वर: उनका आधा पुरुष (शिव) और आधा स्त्री (शक्ति) का रूप सृष्टि में नर और स्त्री के संतुलन और सामंजस्य का प्रतीक है। त्रिशूल और डमड्डू: त्रिशूल मनुष्य के तीन गुणों—सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण—के संतुलन का प्रतीक है। डमरू से निकलने वाली ध्वनियाँ ब्रह्मांड के निर्माण की लय को दर्शाती हैं। शमशान में निवास: शिव शमशान में निवास करते हैं, जो यह सिखाता है कि जीवन नश्वर है और अंत में सब कुछ राख हो जाना है। भस्म का रहस्य: शिव के शरीर पर लगी राख उनकी नश्वरता से निर्भयता और भौतिक दुनिया से वैराग्य का प्रतीक है। रामेश्वरम और महाकालेश्वर: राम के समय से लेकर हर युग में शिव की उपस्थिति रही है। उन्होंने रावण को भी वरदान दिया और राम के लिए रामेश्वरम में स्थापित हुए। त्रिपुंड का अर्थ: मस्तक पर तीन धारियों वाला त्रिपुंड त्रिलोक्य (स्वर्ग, पृथ्वी, पाताल) और त्रिगुण का प्रतिनिधित्व करता है। गंगा का प्रवाह: उनकी जटाओं में गंगा लगातार बह रही है, जो यह संदेश देती है कि परिवर्तन (प्रवाह) ही जीवन है, ठहराव नहीं। तीसरा नेत्र: उनका तीसरा नेत्र चेतना (जागृति) का प्रतीक है, जो कामदेव को भस्म करने और विनाशकारी प्रवृत्तियों को नष्ट करने की शक्ति रखता है। नागों का वास: उनके गले में लिपटे सांप (वासुकी) का अर्थ है कि उन्होंने काल (मृत्यु) और माया को अपने वश में कर लिया है। शिव का हर रूप और हर कथा एक आध्यात्मिक दर्शन है, जो मानवता को संतुलन और शांति का मार्ग दिखाता है।