У нас вы можете посмотреть бесплатно 👑 श्रीमद्भागवत महापुराण: राजा अंग का चरित्र और वेन का जन्म || चतुर्थ स्कंध, तेरहवाँ अध्याय || или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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ध्रुव जी के वंश में आगे चलकर राजा अंग हुए, जो अत्यंत दयालु, धार्मिक और प्रजापालक थे। लेकिन उनका पुत्र वेन अत्यंत क्रूर और अधर्मी निकला। 😟 पुत्र का अधर्म और पिता का दुख राजा अंग ने अश्वमेध यज्ञ किया, लेकिन उनके पुत्र के पापों के कारण देवताओं ने यज्ञ का भाग स्वीकार नहीं किया। वेन बचपन से ही दुष्ट स्वभाव का था और निर्दोष लोगों को सताता था। राजा अंग ने अपने पुत्र को सुधारने के बहुत प्रयास किए, लेकिन जब वे असफल रहे, तो वे गहरे शोक में डूब गए। 🚶 राजा का गुप्त प्रस्थान राजा अंग ने सोचा कि ऐसी कुपुत्र वाली राजलक्ष्मी से तो वन का एकांत अच्छा है। एक रात, जब सब सो रहे थे, राजा अपनी सोती हुई पत्नी और राजपाठ को छोड़कर चुपचाप वन की ओर निकल गए। प्रजा और मंत्रियों ने उन्हें बहुत खोजा, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। 😈 अधर्मी वेन का राज्याभिषेक बिना राजा के राज्य में अराजकता फैलने लगी। तब ऋषियों ने विवश होकर वेन का राज्याभिषेक कर दिया। राजा बनते ही वेन का अहंकार और बढ़ गया। उसने घोषणा करवा दी कि राज्य में कोई भी यज्ञ, दान या धर्म कार्य नहीं होगा। उसने कहा—"मैं ही ईश्वर हूँ, मेरी ही पूजा करो।" ऋषियों और धर्म के लिए यह एक भीषण संकट की शुरुआत थी। #RajaAnga #KingVena #DharmaVsAdharma #SrimadBhagavatam #DivyaKathavani" #shritaragirimaharaj #amitmaharaj #shivmandirnigana #nigana_dham #श्रीमद्भागवतगीता #भगवदगीता #GeetaKatha #कृष्णउपदेश #कर्मयोग, #जीवनदर्शन #spiritualmotivation #shritareshwarmahadevmandir #nigana_kalan #nigana_ashram #divyakatha #divya.kathavani #hinduscripture #divyakathavani #devotional #bhakti