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MOTHER’S DAY CELEBRATION 2025 | CLASS 4TH & 5TH | M.D.S. VIDYA MANDIR INTER COLLEGE एक साथ मातृ एवं क्रान्ति दिवस मनाया। बच्चों ने श्रृंखला द्वारा मां की अद्भुत आकृति बना किया माँ को नमन एवं लिया माँ बताये रास्ते पर चलने का संकल्प। इस अवसर पर किसी ने मां के लिए गुलदस्ता बनाया तो किसी ने मां की ममता को शब्दों में पिरोया। कोई मां की दी सीख को साझा करता दिखा तो किसी ने मम्मी को भगवान की मूरत बताया। आज दिनॉंक 10/05/2025 को मिल मन्सूरपुर स्थित एमडीएस विद्या मन्दिर इण्टर कॉलिज में मुख्य अतिथि श्रीमति रोहताश कली, प्रबन्धक सन्दीप कुमार एवं प्रधानाचार्य अनिल कुमार उपाध्याय एवं सभी शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति में सभी विद्यार्थियों के द्वारा मातृ दिवस एवं क्रांति दिवस बडे उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर बच्चों ने श्रृंखला द्वारा माँ की अद्भुत आकृति बनाकर माँ को नमन किया। इस अवसर पर अनिल शास्त्री के द्वारा सभी माताओं की दीर्घायु की कामना के लिए यज्ञ किया गया। मदर्स डे पर ज्योति पाल एवं सभी टीचर्स के सानिध्य में कार्ड मेकिंग, कविता पाठ, भाषण, निबंध एवं गीत आदि विभिन्न प्रतियोगिताएं भी कराई गई। इतना ही नहीं बच्चों ने पेंटिग एवं पोस्टर बनाकर माँ के प्रति प्रेम को दर्शाया। बच्चों ने सामूहिक रूप से तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है एवं वृद्धाश्रम एवं बागबान पर आधारित एक्ट ने सबको भावुक कर दिया। विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन और कविता के जरिए अपनी मां के प्रति प्यार व्यक्त किया। इस अवसर पर 1857 के सभी वीर शहीदों को श्रद्धा पूर्वक नमन किया गया। विद्यालय के प्रबन्धक सन्दीप कुमार ने कहा कि संसार में माँ की तुलना किसी से भी नही की जा सकती । माँ को ईश्वर के समान दर्जा दिया गया है। सिर्फ ईश्वर ही नहीं बल्कि वह हमारी गुरु भी होती हैं। बच्चा जब बोलना सीखता है तो वह सबसे पहला शब्द माँ या मम्मी ही बोलता है। दुख हो या सुख हर भावना में व्यक्ति को सबसे पहले माँ की ही याद आती है। माँ से बड़ा और अनमोल धन इस दुनिया में कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि मदर्स डे केवल एक ही दिन नहीं बल्कि हर पल माँ को समर्पित होना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार उपाध्याय ने बच्चों से कहा कि मां बच्चों व परिवार की खुशियों के लिए अपना सब कुछ त्याग देती है। आज माँ के इसी त्याग, निस्वार्थ प्रेम और समर्पण को प्रणाम करने का दिन है। उन्होंने कहा कि संसार में जिस व्यक्ति ने अपने माता-पिता को अपनी सेवा से प्रसन्न कर दिया उसे किसी भी देवता को प्रसन्न करने की आवश्यकता नही रहती है। अनिल कुमार शास्त्री ने बच्चों को समझाते हुए कहा कि मां का स्थान हम सबके लिए महत्वपूर्ण है। उनके समर्पण को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। माँ ही पृथ्वी पर जीवन का मूल है। यदि माँ नहीं होगी तो जीवन की कल्पना ही नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिस समाज में मातृ सत्ता का संपूर्ण सम्मान होता है उस समाज का सदैव उत्थान ही होता है। सदियों से यही संदेश दिया जाता है-यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता। रेनू चौधरी ने भी सभी बच्चों को अपने माता-पिता की सेवा करने का संकल्प दिलाया और कहा कि माँ के स्नेह का कोई मोल नहीं है, जिसका ऋण कभी नहीं उतारा जा सकता। इस अवसर पर सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन अंकिता बत्रा एवं कक्षा 9 की वंशिका चौधरी ने किया। प्रधानाचार्य