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Shri Jwalamukhi Mata Mandir (ज्वालामुखी माता मंदिर) हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित श्री ज्वालामुखी माता मंदिर भारत के सबसे रहस्यमय और प्राचीन शक्तिपीठों में से एक है। यहाँ माँ की पूजा मूर्ति के रूप में नहीं, बल्कि सदैव जलती हुई दिव्य ज्योतियों के रूप में होती है। मान्यता है कि देवी सती की जिह्वा (जीभ) इसी स्थान पर गिरी थी, इसलिए यह स्थान 51 शक्तिपीठों में विशेष स्थान रखता है। माँ ज्वालामुखी को ज्योति स्वरूपा, अग्नि शक्ति की देवी, और नवदुर्गा का तेज माना जाता है। यह आरती माँ ज्वाला की उसी अखंड अग्नि, करुणा और शक्ति को समर्पित है — ताकि सुनने वाला केवल आरती न सुने, बल्कि माँ की उष्मा, संरक्षण और विश्वास को अपने हृदय में अनुभव कर सके। 🙏 Jai Jwala Mata | Jai Jwalamukhi | Jai Jyoti Swaroopa Maa 🙏 🔔 SHRI JWALAMUKHI MATA AARTI – LYRICS जय ज्वाला माता, अम्बे माता, ज्योति स्वरूपा माता। अग्नि बनी तू साक्षात विराजी, करुणा की है धारा माता॥ जय ज्वाला माता, अम्बे माता, भव-भय हारिणी माता॥ कालिधर की पावन धरती, कांगड़ा की पुण्य धरा। शिला-शिला से ज्वाला फूटी, माँ ने रूप यहाँ धरा॥ जय ज्वाला माता, अम्बे माता, भव-भय हारिणी माता॥ सती की जिह्वा गिरी जहाँ पर, वही बना पीठ महान। शिव के क्रोध से कांपी धरा, रो उठा सारा ब्रह्मांड॥ विष्णु चक्र से शांत हुआ जब, महाविनाश का भार। जिह्वा बनी अग्नि रूपा, जग को दिया आधार॥ जय ज्वाला माता, अम्बे माता, भव-भय हारिणी माता॥ नीली ज्वाला, लाल ज्वाला, नव-दुर्गा पहचान। हर लौ में माँ की शक्ति, हर कण में तेरा ध्यान॥ पानी डाला, बुझी न ज्वाला, राजा आये परख। अकबर, जहाँगीर देख गए, माँ की लीला सच्च॥ जय ज्वाला माता, अम्बे माता, भव-भय हारिणी माता॥ पांडव आये अरण्य काल में, माँ को शीश नवाए। युगों-युगों की तपस्थली, सबको शरण दिलाए॥ सिख नरेश ने स्वर्ण चढ़ाया, रजत द्वार सजाए। भक्तों ने जो अर्पित किया, माँ ने सब अपनाए॥ जय ज्वाला माता, अम्बे माता, भव-भय हारिणी माता॥ नवरात्रि में धाम सजता, जागे शक्ति प्रवाह। धूप, दीप, आरती गूँजे, माँ कर दे अनुग्रह॥ जो भी खाली झोली लाया, भर के गया संसार। दुख, रोग, भय हर लेती, माँ ज्वाला दरबार॥ जय ज्वाला माता, अम्बे माता, भव-भय हारिणी माता॥ ना तू क्रोध, ना विनाश मात्र, तू ममता की आग। जो जला दे पाप-अहंकार, बचा ले जीवन राग॥ अंधकार में लौ बन कर, राह सदा दिखलाए। माँ ज्वालामुखी नाम तेरा, सत्य स्वयं कहलाए॥ जय ज्वाला माता, अम्बे माता, भव-भय हारिणी माता॥ दीन दुखी की सुनती माता, राजा-रंक समान। तेरे चरणों में जो झुका, उसका बढ़े सम्मान॥ ज्वाला में जो ध्यान लगावे, पाए शक्ति अपार। जय हो माँ ज्वालामुखी, जय हो तेरा दरबार॥ जय ज्वाला माता, अम्बे माता, भव-भय हारिणी माता॥ 🔥 जय ज्वाला माता की जय 🔥 © COPYRIGHT © Flickverce by Gaurav All Rights Reserved. Lyrics & Concept are copyrighted. 🔥 HASHTAGS #JwalamukhiMata #ज्वालामुखीमाता #JwalaMataAarti #JyotiSwaroopaMaa #ShaktiPeeth #HimachalPradesh #KangraTemple #DeviAarti #MaaJwala #HinduDevotional #BhaktiAarti #Flickverce