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Vocal - Raman Tripathi Music & Mixing - Sumit Raj Verma Video credit - Sumitraj_music label & team Lyrics - Taken from Ramcharitmanas बिनु सत्संग विवेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥ जय राम-राम, हे राम-राम जा पर कृपा राम की होई। ता पर कृपा करहिं सब कोई॥ जय राम-राम, हे राम-राम हरि अनंत हरि कथा अनंता। कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता॥ जय राम-राम, हे राम-राम होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा॥ जय राम-राम, हे राम-राम कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम पाहीं॥ जय राम-राम, हे राम-राम जिनके कपट, दम्भ नहिं माया। तिनके ह्रदय बसहु रघुराया॥ जय राम-राम, हे राम-राम जय राम-राम, हे राम-राम ............................................................................................................................ ''बिनु सत्संग विवेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥" अर्थ: बिना सत्संग (अच्छी संगति) के विवेक (ज्ञान) प्राप्त नहीं होता, और भगवान राम की कृपा के बिना वह सत्संग भी आसानी से नहीं मिलता. "जा पर कृपा राम की होई। ता पर कृपा करहिं सब कोई॥" अर्थ: जिस पर भगवान राम की कृपा होती है, उस पर सभी लोग (और सभी शक्तियाँ) कृपा करने लगते हैं; उसका कल्याण होता है. "हरि अनंत हरि कथा अनंता। कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता॥"" अर्थ: भगवान अनंत हैं और उनकी कथाएँ भी अनंत हैं; संतजन उन्हें अनेक प्रकार से कहते और सुनते हैं. "होइहि सोइ जो राम रचि राखा। को करि तर्क बढ़ावै साखा॥"" अर्थ: जो कुछ राम ने रचा है, वही होगा; इस विषय में तर्क (बहस) करके क्या लाभ, कोई नई शाखा (बात) बढ़ाना व्यर्थ है. "कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम पाहीं॥"" अर्थ: हे भाई (तात), संसार में ऐसा कौन सा कठिन काम है जो आपके (भगवान) पास न हो (यानी, आपके लिए कुछ भी कठिन नहीं है). "जिनके कपट, दम्भ नहिं माया। तिनके ह्रदय बसहु रघुराया॥"" अर्थ: हे रघुनाथ (राम), आप उन्हीं (साफ दिल वाले) लोगों के हृदय में निवास करते हैं, जिनके मन में कपट, घमंड या माया नहीं होती.