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MERE MAN MAI BAS JAO SIYA RAM| Ram bhajan LYRICS वन्दे रामं, रघुकुल नन्दनम्। सीता-पतिं, भक्त-वत्सलम्॥ श्री राम जय राम, जय जय राम। मेरे मन में बस जाओ सिया-राम॥ श्री राम जय राम, जय जय राम... अवध पुरी के तुम हो वासी, घट-घट के तुम अंतरजामी। राजीव-नेत्रं, करुणा-सागरम्। शरणागत-रक्षक, हे दयाकरम्॥ दर्शन दे दो कृपा निधान, मेरे मन में बस जाओ सिया-राम। श्री राम जय राम, जय जय राम... हाथ में जिनके कोदंड साजे, तीनों लोक में डंका बाजे। रावण-मर्दनं, दुष्ट-विनाशनम्। मारुति-पूजित, चरण-कमलम्॥ हनुमत के तुम प्राण-आधार, कर दो इस भव-सागर से पार। श्री राम जय राम, जय जय राम... मोह-माया का अंधियारा भारी, हर लो विपदा हे धनुर्धारी। त्वमेव सर्वं, जगदाधारम्। रामं भजेऽहं, शान्ति-प्रदायकम्॥ सबके स्वामी, सबके राम, कोटि-कोटि प्रभु तुम्हें प्रणाम। श्री राम जय राम, जय जय राम... वन्दे रामं, रघुकुल नन्दनम्। सीता-पतिं, भक्त-वत्सलम्॥ मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी॥ सियावर रामचन्द्र की जय! पवनसुत हनुमान की जय! वन्दे रामं, रघुकुल नन्दनम्। सीता-पतिं, भक्त-वत्सलम्॥ श्री राम जय राम, जय जय राम। मेरे मन में बस जाओ सिया-राम॥ श्री राम जय राम, जय जय राम... अवध पुरी के तुम हो वासी, घट-घट के तुम अंतरजामी। राजीव-नेत्रं, करुणा-सागरम्। शरणागत-रक्षक, हे दयाकरम्॥ दर्शन दे दो कृपा निधान, मेरे मन में बस जाओ सिया-राम। श्री राम जय राम, जय जय राम... हाथ में जिनके कोदंड साजे, तीनों लोक में डंका बाजे। रावण-मर्दनं, दुष्ट-विनाशनम्। मारुति-पूजित, चरण-कमलम्॥ हनुमत के तुम प्राण-आधार, कर दो इस भव-सागर से पार। श्री राम जय राम, जय जय राम... मोह-माया का अंधियारा भारी, हर लो विपदा हे धनुर्धारी। त्वमेव सर्वं, जगदाधारम्। रामं भजेऽहं, शान्ति-प्रदायकम्॥ सबके स्वामी, सबके राम, कोटि-कोटि प्रभु तुम्हें प्रणाम। श्री राम जय राम, जय जय राम... वन्दे रामं, रघुकुल नन्दनम्। सीता-पतिं, भक्त-वत्सलम्॥ मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी॥ सियावर रामचन्द्र की जय! पवनसुत हनुमान की जय! #bhaktimusic #morningbhajans #bhaktisongs #rammandir #rambhajan