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#Holio #होलियो #newrajasthanisongs2026 खेजड़ी रो होलियो .... राजस्थानी विरह गीत गीत अच्छा लगे तो चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें The Khejri tree stands alone in the vast sands of Rajasthan, enduring the scorching sun and the lonely nights. In this Virha Geet, the tree becomes a mirror to the soul of a woman waiting for her husband to return from distant lands. Experience the raw emotion of Marwar through this rendition of Khejri Ro Holio. A song that isn't just about waiting, but about the strength found in solitude. [the mansuria] Lyrics :Rajasthani Folk- खेजड़ी बैठो होलियो, कूक जगावे बिरहन परदेसां पीवजी, कद आसी मिळवा ऐ जी... ढोला ओळू सतावे, नयणां बरसे नीर खेजड़ी बैठो होलियो... हो...ओ...खेजड़ी बैठो होलियो... जेठ री तपती दुपहरी, हिंयो दहक जाये टिकोळिये कांगळियो काळजो काढे बिलखे गोरड़ी ओ....म्हारी रूंखड़ी सिरमोड़ थारे भरोसे सांवरा, ओ मरुधर रो मोड़ खेजड़ी बैठो होलियो... होलिया! थूं क्यूं कूंके? थारो कुण बिछड़ो मीत? धोरां री रेत में, कुण सुणवालो थारो गीत? थांरी कूक काळजे कोरे, ज्यूं विरह री तलवार म्हारे पीव ने संदेसो देजे, मैं जोऊं बाट हजार खेजड़ी बैठो होलियो.. झीणों झीणों बायरियो , सुपनों सताय ढळती रात होलिया उड़ जा रे, छेड़ ना बिरहा राग खेजड़ली ठूंठ बण जासी , बिरहन री राड़ होलिया! तू चुप रहजे, छेड़ ना बिरहा राग कदै तो आसी सांवरो, कदे तो रचासी रास खेजड़ी बैठो होलियो... खेजड़ी बैठो होलियो, कूक जगावे बिरहन परदेसां पीवजी, कद आसी म्हारे मिळवा #newrajasthanisongs2026 #खेजड़ीरोहोलियो #Khejariroholio #Khejadiroholio #rajasthanivirhageet #hearttouchingsong