У нас вы можете посмотреть бесплатно मनुष्य तो भाव से पुण्य-पाप करता है, लेकिन अन्य प्राणी कैसे पुण्य-पाप करते हैं? | जैन दर्शन का उत्तर или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
मनुष्य तो भाव से पुण्य-पाप करता है, लेकिन अन्य प्राणी कैसे पुण्य-पाप करते हैं? | जैन दर्शन का उत्तर हम सभी जानते हैं कि मनुष्य अपने भावों से पुण्य और पाप करता है। लेकिन एक गहरी जिज्ञासा यह है कि— 👉 जो प्राणी बोल नहीं सकते, सोच नहीं सकते, वे पुण्य-पाप कैसे बाँधते हैं? जैन दर्शन इस प्रश्न का अत्यंत सूक्ष्म और वैज्ञानिक उत्तर देता है। इस प्रवचन/विचार में जानिए— 🔸 भाव क्या है और कर्म बंधन में उसका क्या स्थान है 🔸 मनुष्य, तिर्यंच, देव और नारकीय जीवों में कर्म बंधन का अंतर 🔸 एकेन्द्रिय से पंचेन्द्रिय जीव पुण्य-पाप कैसे बाँधते हैं 🔸 किन प्राणियों में केवल पाप बंध होता है और क्यों 🔸 जैन दर्शन में भाव-कर्म और द्रव्य-कर्म का रहस्य 🙏 यह विषय केवल ज्ञान बढ़ाने का नहीं, करुणा, संयम और अहिंसा बढ़ाने का है। 🔖 HASHTAGS (Jain + Spiritual + SEO) #पुण्यपाप #भावकर्म #जैनदर्शन #कर्मसिद्धांत #अहिंसा #जीवदया #जैनप्रवचन #आध्यात्मिकज्ञान #जीवविज्ञान #कर्मबंधन 🏷️ TAGS (YouTube SEO Tags) punya paap kaise lagta hai jain darshan karma siddhant bhav se punya paap anya prani punya paap kaise jain philosophy karma jain dharm pravachan hindi karma theory jainism ahimsa aur karma