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जय हिन्द दोस्तो. आज के वीडियो में हमने किसान के अच्छे जानवर देखे और जानवर देखने के साथ साथ कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा हुई.आज से सैकड़ों वर्ष पूर्व जब इन गांवों की बकरिया या कोई दूसरा जानवर देखते थे तो दिल बड़ा खुश और अभिभूत होता था. कि हमारे किसानों के पास कितना अनुभव था. आधुनिकता की होड़ और ज्यादा पैसे के लालच में कई किसानों ने अपनी मूल प्रजाति की नस्लों को खो दिया. पैसों से बिस्तर खरीदा जा सकता है पर नींद नहीं. उसी तरह हमारे किसानों ने बकरियां तो महंगी जरूर बेची पर उन्हें आगे ले जाने वाले करीबन लोगों ने उन बकरियों को मौत के मुंह में धकेल दिया क्योंकि वो उन जानवरों को उतना प्यार नहीं दे पाए जितना उनको उसकी जरूरत थीं.दिल के कई बातें है दोस्तो पर कभी इस पर चर्चा एक वीडियो के माध्यम से होगी आशा है कि कोशिश एक सही प्रयास के तहत हम इस पर जरूर अमल करेंगे और कुछ न कुछ अच्छे से बेहतर करने का प्रयास करेंगे.. जय हिन्द sukant chawla 9660088755 जय जवान जय किसान जय विज्ञान