У нас вы можете посмотреть бесплатно क्या आपकी रसोई में ऐसा आटा है? 1 महीने खाएं और चमत्कार देखें, खून साफ, डाइजेशन ठीक, वेट मैनेज होगा или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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क्या आप चने का आटा खाते हैं ज्यादातर लोग कहेंगे नहीं क्या आप गेहूं में चना मिल्क मिलकर आता पिसवाते हैं ज्यादातर लोग कहेंगे नहीं जो लोग नहीं का उत्तर देंगे उनको यह वीडियो देखना बहुत जरूरी है क्योंकि यह सिद्ध डाइजेशन से जुड़ा मामला है सीधा न्यूट्रीशन से जुड़ा मामला है और यह कुछ हद तक डायबिटीज से जुड़ा हुआ मामला भी है तो चलिए शुरू करते हैं आपको जानकर हैरानी होगी कि उत्तर भारत में आज से 40 - ५० साल पहले चना मुख्य भोजन होता था गेहूं बहुत कम खाया जाता थ। बहुत से लोग केवल चने के आते की रोटियां खाते थे। चना, बाजरा जवार और दूसरे मोटे अनाज ज्यादा खाए जाते थे.। शायद एक कारण ये भी था की डाइबिटिस नाम की बीमारी बहुत कम देखने को मिलती थ। लेकिन जैसे-जैसे जनसंख्या वृद्धि हुई मोटे अनाज से पूर्ति होना कठिन हो गया और जनता का पेट भरने के लिए हमें हरित क्रांति की जरूरत पड़ी। हरित क्रांति के कारण गेंहू चावल की पैदावार धीरे-धीरे बढ़ने लगी। गेहूं और चावल उगाने वाला छेत्र बढ़ता गया। जहां गेहूं और चावल उगाया जाता है वहां ज्यादा मात्रा में पानी , ज्यादा रासायनिक खाद और ज्यादा पेस्टिसाइड डालना पड़ता है और जंहा ज्यादा पानी और पेस्टिसाइड प्रयोग होता है वंहा चना पैदा नहीं होता है एक समय था जब हरियाणा पंजाब में बहुत ज्यादा चना उगता था लेकिन आज हरियाणा पंजाब में चना बहुत ही कम जमीन पर उगाया जाता है इसीलिए अब चना बाजार में भी कम उपलब्ध है चना कम पैदा होता है इसलिए थोड़ा महंगा भी हो गया है लेकिन इतना महंगा नहीं हुआ है कि हम चने को अपने भोजन में शामिल न कर पाए । चना हमें क्यों खाना चाहिए इसके पीछे जब आप इसकी न्यूट्रीशनल वैल्यू देखेंगे तो खुद कहेंगे कि वास्तव में चना हमारे भोजन का मुख्य हिस्सा होना चाहिए आप अगर चने को रेगुलरली अपने भोजन में शामिल कर लेंगे तो यकीन मानिए ग्लूटेन इन्टॉलरेंस की समस्या अगर होने वाली है तो नहीं होगी, डाइजेशन ठीक होगा। ओवरऑल हेल्थ अच्छी रहेगी। क्योकि चने में भरपूर पोषक तत्त्व होते है अगर 100 ग्राम काला चना आप लेते हैं तो उसमें 378 कैलोरी मिलेगी 20 ग्राम प्रोटीन मिलेगा 63 ग्राम कार्बोहाइड्रेट , 12 ग्राम डाइटरी फाइबर, 6 ग्राम अच्छा फैट , 57 मिलीग्राम कैल्शियम , 4.31 मिलीग्राम आयरन, 718 मिलीग्राम पोटैशियम मिलेगा इसके अलावा इसमें बी विटामिन होता है जैसे फोलेट b9 थियामिन b1 एंड विटामिन ब्६ इसके अलावा इसमें मैंगनीज जिंक और फास्फोरस भी होता और खास बात यह है कि यह सभी न्यूट्रीशन सूखे या रोश्टेड चने में ज्यादा मिलते हैं अगर हम इसे उबाल देंगे तो न्यूट्रीशन थोड़े कम हो जाते हैं रोश्टेड चने हम रेगुलर नहीं खा पाते है और कुछ लोगो को ये गैस भी बनाते है तो ऐसे में जरूरी यह है कि इसे खाने का ऐसा तरीका हो जो आसान भी हो और सुपाच्य भी होा तो ऐसे में सबसे अच्छा तरीका है चने को आटे के रूप में खाना। लेकिन यदि हम केवल चने का आटा खाएंगे तो हाजमे में दिक्कत हो सकती है क्योकि हमे चने का आटा खाने की आदत नहीं है गैस ज्यादा बनेगी। चने को खाने का सबसे अच्छा तरीका है चने और गेंहू को मिलाकर आटा पिसवाएं और इस आटे की चोकर सहित रोटियां बनवाये। अब सवाल ये है की कितना गेंहू और कितना चना ले ? तो इश्क जवाब है ४ भाग गेंहू और १ भाग चना आप जानते हैं कि गेहूं को सबूत खाने पर न्यूट्रीशन वैल्यू ज्यादा मिलती है फाइबर ज्यादा मिलता है ऐसे ही चना भी सबूत खाया जाएगा तो न्यूट्रीशन वैल्यू ज्यादा होगी। गेहूं का आटा तो हम पिसवाते ही है ऐसे में गेहूं में 20% चना मिलाकर अगर पिसवाएंगे तो आपका आटा बहुत ज्यादा न्यूट्रिशस हो जाएगा #healthyfood #farming #naturalfarming #organicfarming