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जय जोहार संगवारी यूट्यूब चैनल पर आप सभी का हार्दिक स्वागत YOGRAJ SAHU 504 राजिम मेला के बारे में थोड़ा सा बताने का प्रयास राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ राज्य के सबसे प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है, जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयागराज भी कहा जाता है। यह कुंभ कल्प माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक आयोजित होता है, जहां देशभर से संत-महात्मा, श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। राजिम छत्तीसगढ़ में महानदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ है। इसे छत्तीसगढ़ का “प्रयाग” भी कहते हैं। यहाँ के प्रसिद्ध राजीव लोचन मंदिर में भगवान विष्णु प्रतिष्ठित हैं। प्रतिवर्ष यहाँ पर माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक एक विशाल मेला राजिम छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में प्रस्तावित एक शहर है, लेकिन आधिकारिक तौर पर यह गरियाबंद जिले में स्थित है। राजिम का नाम राजीव लोचन मंदिर के नाम पर रखा गया है, जो राजिम का प्रमुख हिंदू तीर्थस्थल है और विष्णु देव को समर्पित है। बाबा जी की बातों में सनातन संस्कृति के पुनरुद्धार और पवित्र स्नान से आत्म-शुद्धि का महत्व प्रमुख रहा छत्तीसगढ़ के राजिम में महानदी के तट पर आयोजित होता है, जिसे 'छत्तीसगढ़ का प्रयाग' कहा जाता है, जहाँ राजीव लोचन मंदिर में भगवान विष्णु प्रतिष्ठित हैंसाधु-संतों का जोर सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित करने और कुंभ के प्राचीन वैभव को वापस लाने पर रहायह मेला माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलता राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ के राजिम में प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू धार्मिक उत्सव है, जिसे अक्सर "छत्तीसगढ़ का प्रयागराज" कहा जाता राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित त्रिवेणी संगम (महानदी, पैरी और सोंढूर) पर आयोजित एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। 2026 का यह मेला मुख्य रूप से माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि (फरवरी-मार्च) तक आयोजित किया जा रहा है, जहाँ साधु-संतों का समागम होता मेले में देशभर से साधु-महात्मा, अखाड़े और श्रद्धालु आते हैं, जिनसे आस्था और ज्ञान की बातें करने का अवसर मिलता है। यहाँ लोक कलाओं का मंचन, जस मंडली, मानस गान, राउत नाचा, पंडवानी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं राजिम का नाम राजीव लोचन मंदिर राजिम का नाम राजीव राजिम