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प्राचीन भारत के इतिहास में यवन समुदाय का एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यवन शब्द मूलतः आयोनियन यूनानियों से जुड़ा हुआ है, लेकिन भारतीय संदर्भ में यह एक व्यापक विदेशी समुदाय का प्रतीक बन गया। इस एपिसोड में जानिए यवनों की उत्पत्ति, सिकंदर के आक्रमण के बाद भारत से उनका संपर्क, मौर्य काल में उनकी भूमिका, इंडो-ग्रीक शासन, गांधार कला में उनका योगदान, भारतीय समाज में उनका सांस्कृतिक समावेश और अंततः उनका पतन। यह कथा केवल संघर्ष की नहीं बल्कि सांस्कृतिक संवाद, समन्वय और सभ्यताओं के मिलन की भी कहानी है। Yug yugin bharat vanshi series playlist : • युगयुगीन भारतवंशी विजयगाथा श्रृंखला The Yavana community holds a unique and significant place in ancient Indian history. Originally derived from the Ionian Greeks, the term evolved in India to represent a broader foreign cultural identity. In this episode, explore the origin of the Yavanas, their contact with India after Alexander’s invasion, their role during the Mauryan period, Indo-Greek rule, their contribution to Gandhara art, their cultural assimilation into Indian society, and their eventual decline. This is not just a story of conflict, but also of cultural exchange, integration, and the meeting of civilizations. Timestamps: 00:08 यवन समुदाय का परिचय और ऐतिहासिक पहचान 01:01 यवन शब्द की उत्पत्ति और अर्थ 02:25 सिकंदर के आक्रमण और भारत-यवन संपर्क 03:09 मौर्य काल में यवनों की भूमिका 04:02 इंडो-ग्रीक काल और सांस्कृतिक समन्वय 05:20 गांधार कला और सांस्कृतिक प्रभाव 06:34 भाषा, विज्ञान और ज्योतिष में योगदान 07:13 यवनों की धार्मिक व्यवस्था और समन्वय 08:56 भारतीय समाज में यवनों का समावेश 09:35 यवन शासक और राजनीतिक विस्तार 11:40 प्राचीन ग्रंथों में यवनों का उल्लेख 13:27 संघर्ष, सहयोग और व्यापारिक संबंध 14:06 स्थापत्य, नगर नियोजन और प्रशासन 15:11 यवनों के पतन के कारण 15:39 शक, कुषाण और सांस्कृतिक विलय 16:15 भारतीय समाज में यवनों की विरासत 17:14 युग युगीन भारतवंशियों की खोज का उद्देश्य 🏛️ ABOUT VEER BHARAT: वीर भारत न्यास भोपाल, संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन का अधिष्ठान है। न्यास, पूर्व वैदिक, वैदिक, उत्तर वैदिक, रामायण-महाभारत काल, महावीर, गौतम बुद्ध, चंद्रगुप्त मौर्य, चाणक्य, शंकराचार्य, विक्रमादित्य, चोल, पल्लव, भोजराज, मध्ययुग, भक्तिकाल और स्वतंत्रता काल के नायकों, चिंतकों, ऋषियों, कवियों, वैज्ञानिकों और कलाकारों की गौरवगाथा के अध्ययन और प्रसार हेतु समर्पित है। संपादक : श्रीराम तिवारी 🔗 FOLLOW US ON SOCIAL: Twitter: / veerbharat2420 Facebook : https://cutt.ly/Gw8vTI88 #veerbharat #indianculture #indianhistory #cultural #madhyapradesh #sanskriti #bhakti #historyfacts #history #युगयुगीनभारतवंशी #यवन #भारतीयइतिहास #प्राचीनभारत #इंडोग्रीक #गांधारकला #इतिहास #सभ्यता #संस्कृति #वीरभारत #yugyuginbharatvanshi #yavana #indianhistory #ancientindia #indogreek #gandharaart #history #civilization #culture #veerbharatnyas