У нас вы можете посмотреть бесплатно जिस दिन जान लिया ‘मैं कौन हूँ’ — सब बंधन टूट जाएंगे। Astavakra gita।।अष्टावक्र गीता।। или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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क्या तुम सच में शरीर हो? क्या तुम मन हो? क्या तुम अपने विचार हो? अष्टावक्र गीता का यह महान ज्ञान कहता है — तू न शरीर है, न मन है, न विचार है। तू शुद्ध चेतना है, साक्षी है, अकर्ता है। जब मनुष्य स्वयं को शरीर मानता है — दुख आता है। जब स्वयं को मन मानता है — बंधन आता है। जब स्वयं को विचार मानता है — भ्रम आता है। पर जिस दिन जान लेता है — “मैं साक्षी हूँ” — उसी दिन मुक्ति शुरू होती है। इस वीडियो में जानिए: मैं शरीर नहीं हूँ — इसका वास्तविक अर्थ साक्षी भाव क्या है विचारों से अलग कैसे हों अकर्ता भाव का अनुभव दुख और बंधन कैसे समाप्त होते हैं यह ज्ञान सुनने के लिए नहीं — जागने के लिए है। यदि आप आत्मज्ञान, अद्वैत, साक्षी भाव और मुक्ति के मार्ग पर हैं — यह वीडियो आपके लिए है। 🔎 Tags ashtavakra gita ashtavakra gita hindi main kaun hoon tum sharir nahi ho sakshi bhav advaita vedanta atma gyan self realization non duality hindi spiritual awakening ashtavakra janak samvad atma kya hai gyan marg inner awakening vedanta hindi consciousness awakening ego illusion mind watching meditation who am i vedanta ramana maharshi teaching