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#पटना के विद्यापति भवन में #LetsInspireBihar के अंतर्गत आयोजित हुए प्रथम 'लिटरेचर फेस्टिवल 2026' की ऐतिहासिक सफलता पर मैं अभियान में साथ जुड़े सभी सदस्यों तथा विशेष रूप से लिटरेरी चैप्टर की कोर टीम को हार्दिक बधाई देना चाहता हूँ । यह आप सभी के बिहार के प्रति संकल्पित निःस्वार्थ भाव, परिश्रम एवं समर्पण का ही प्रतिफल है कि आज विद्यापति भवन में बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि एवं प्रबुद्धजन विश्व भर से एकत्रित हो सके । बिहार की साहित्यिक विरासत अत्यंत प्राचीन है । वेदांत, बौद्ध तथा जैन दर्शन, रामायण की रचना तथा अनेक तत्वों एवं सिद्धांतों से प्रारंभ परंपरा समय के साथ अभिवृद्धि प्राप्त करती रही परंतु नालंदा और विक्रमशिला के विद्धंस के पश्चात कुछ प्रभावित अवश्य हुई । आज अभियान के प्रथम साहित्य महोत्सव में मैंने सभी प्राचीन विद्वानों को नमन करते हुए महाकवि विद्यापति, राष्ट्रकवि दिनकर, बाबा नागार्जुन, आचार्य शिवपूजन सहाय, फणीश्वरनाथ रेणू, गोपाल सिंह नेपाली, राहुल सांकृत्यायन, भिखारी ठाकुर सहित सभी महान रचनाकारों का भी स्मरण किया और सभी उपस्थित साहित्यकारों, कवियों तथा प्रबुद्धजनों से बिहार की साहित्यिक परंपरा की अभिवृद्धि हेतु समर्पित प्रयास करने का आह्वान किया । मेरा स्वप्न है कि बिहार के हर जिले के हर प्रखंड के हर पंचायत में बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि एवं प्रबुद्धजन आपस में जुड़कर हमारी युवाशक्ति को जाति-संप्रदाय, लिंगभेद और विचारधारात्मक मतभेदों से उपर उठकर राष्ट्रहित में योगदान के निमित्त प्रेरित करें और आज के आयोजन के पश्चात निश्चित ही हमारा सामुहिक अभियान प्रबल रूप से और सशक्त हुआ है । मैं इस अवसर पर माननीय अरूण शंकर प्रसाद जी, मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा तथा पर्यटन, बिहार सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने अपने अत्यंत व्यस्ततम समय में से बहुमूल्य समय निकालकर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सहित संपूर्ण देश एवं विदेश के अनेक स्थानों से एकत्रित साहित्यकारों, कवियों एवं प्रबुद्धजनों को राष्ट्र के उत्थान में साहित्य, कला एवं संस्कृति के महत्व के संबंध में मार्गदर्शित किया । इस अवसर पर विशेष रूप से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं सुप्रसिद्ध लेखक अमित लोढ़ा जी, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के माननीय कुलपति प्रमेन्द्र वाजपेई जी, हंस पत्रिका की एमडी रचना यादव जी, सुप्रसिद्ध लेखक एवं राजनीतिज्ञ मृत्युंजय शर्मा जी, सुप्रसिद्ध कवियत्री तिश्या श्री जी, शेफालिका झा जी, कवि समीर परिमल जी, अविनाश बंधू जी, राणा वीरेंद्र सिंह जी, विनोद कुमार हसौड़ा जी, युवा कवि केशव प्रभाकर जी, लिटरेरी अध्याय की मुख्य समन्वयक ज्योति झा जी, मुंबई से आईं पल्लवी रानी जी, पुणे से आए नीतीश राज जी, अहमदाबाद से आईं मनीषा झा जी, दिल्ली से आए अनिल झा जी, अबू ढ़बी से आईं प्रियंका झा जी, आयरलैंड से आए रविनंदन प्रताप सिंह जी तथा सभी सम्मिलित साहित्यकारों, कवियों एवं प्रबुद्धजनों का भी मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ । आपकी गरिमापूर्ण उपस्थिति से फेस्टिवल के सभी सहभागी अत्यंत उत्साहित रहे तथा आपके महत्वपूर्ण वक्तव्यों एवं काव्य प्रस्तुतियों से अत्यंत प्रभावित हुए । मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि जाति-संप्रदाय, लिंगभेद और विचारधारात्मक मतभेदों से परे उठकर 3,25,000+ सीधे रूप से जुड़े राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सदस्यों के साथ आज लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान बिहार के विकास हेतु सबसे बड़ा सामाजिक आंदोलन बन चुका है जिसमें इस साहित्यिक महोत्सव के पश्चात अब 22 फरवरी, 2026 को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 'बिहार डेवलपमेंट समिट 2026' निर्धारित हैं । फेस्टिवल के कुछ दृश्य साझा कर रहा हूँ । यात्रा गतिमान है ! @VikasVaibhav1979 @letsinspirebihar7039 @jyotijha5185 #TheLiteraryMirrorb