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कजरी तीज का क्या है महत्व🙏| Importance Of Kajari teej | कजरी तीज 2022 कजरी तीज का महत्व,कजरी तीज कब की है,कजरी तीज 2022 कब है,कजरी तीज कथा,कजरी तीज पूजा विधि,कजरी तीज व्रत कथा,काजरी क्या है,कजली तीज व्रत 2022,कजरी तीज व्रत का फल,तीज का त्योहार कब है 2017,कजरी तीज पूजा विधि व नियम,सातुड़ी तीज कब है 2022 बड़ी तीज 2022 कब है,तीज व्रत विधि,kajli teej bundi कजली तीज कथा,भाद्रपद कजरी तीज कितनी तारीख को है,भाद्रपद तीज कितनी तारीख को है,कजरी तीज 2016,कजरी तीज 2022,तीज कब है,कजरी वन,सातुड़ी तीज,छोटी तीज नमस्कार दोस्तों! श्री मंदिर पर आपका स्वागत है। कजरी तीज का त्योहार आने वाला है और उससे पहले हम श्री मंदिर पर आपके लिए उससे संबंधित संपूर्ण जानकारी लेकर आए हैं। इस वीडियो में हम कजरी तीज के महत्व के साथ, यह भी बताएंगे कि आपको इस दिन किन-किन बातों का ख़ास ख़्याल रखना चाहिए- भादो मास में कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को देश के विभिन्न क्षेत्रों में कजरी तीज का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। कजरी तीज को कजली तीज, बड़ी तीज, नीमड़ी तीज और सातुड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष तृतीया तिथि का आरंभ 13 अगस्त को देर रात 12 बजकर 53 मिनट पर होगा और समापन 14 अगस्त को रात में 10 बजकर 35 मिनट पर होगा। GFX- हिंदू पंचांग के अनुसार आरंभ 13 अगस्त को देर रात 12 बजकर 53 मिनट पर होगा और समापन 14 अगस्त को रात में 10 बजकर 35 मिनट पर होगा। यह त्योहार सभी विवाहित महिलाओं और कुवांरी कन्याओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। जहां विवाहित महिलाएं यह व्रत सुखी वैवाहिक जीवन और अपने पति की लंबी आयु की कामना के साथ रखते हैं, वहीं, कुंवारी लड़कियां इस व्रत को मनोवांछित वर की कामना के साथ करती हैं। इस दिन विधि पूर्वक पार्वती माता का स्वरूप नीमड़ी माता की पूजा-अर्चना की जाती है। करवा चौथ की तरह इस व्रत को निर्जला रखा जाता है और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत को खोला जाता है। इस दिन महिलाएं कजरी तीज के गीत गाती हैं और झूला झूलती हैं। इस दिन जौ, गेहूं, चने और चावल के सत्तू में घी और मेवा मिलाकर तरह-तरह के पकवान बनाने की भी परंपरा है। इन पकवानों को भोग के रूप में चढ़ाया जाता है। इस पूजा में विवाहित महिलाएं सज-संवरकर तैयार होती हैं और पूरे विधि-विधान से नीमड़ी माता की पूजा करती हैं। आपको बता दें, इस व्रत का उद्यापन शादी के बाद महिलाओं के मायके वालों द्वारा करवाया जाता है। उद्यापन के लिए 16 सातू के पिंड सुहागिनों को दान में दिए जाते हैं और 1 पिंड सांख्या को दान में दिया जाता है। इसके अलावा 4 बड़े पिंड बनाए जाते हैं या लड़की के मायके वालों की तरफ से भेजे जाते हैं, जो कि लड़की, उसकी सास और उसके पति के लिए होते हैं। बचा हुआ एक पिंड मंदिर में दान किया जाता है। चलिए अब बात करते हैं कि इस दिन किन कार्यों को करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस दिन गायों की विशेष रूप से पूजा की जाती है। आटे की सात लोइयां बनाकर उन पर घी, गुड़ रखकर गाय को खिलाने के बाद भोजन किया जाता है। इसके अलावा इस दिन निर्जला व्रत रखा जाता है, इसमें अन्न और जल ग्रहण नहीं किया जाता है। हालांकि गर्भवती महिलाएं फलाहार ग्रहण कर सकती हैं। साथ ही सुहागिन महिलाएं इस दिन 16 श्रृंगार करें और अपने हाथों में मेहंदी अवश्य लगाएं। वहीं इस दिन भजन-कीर्तन करें और किसी भी व्यक्ति से कटु शब्दों का प्रयोग न करें। हम कामना करते हैं कि कजरी तीज व्रत का शुभ फल आपको मिले और आपका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहे। इसी के साथ मैं आपसे लेती हूँ विदा, आपका दिन मंगलमय हो। श्री मंदिर एप के बारे में- 👉भारत के आध्यात्मिक और धार्मिक प्लेटफार्म पर निर्मित एकमात्र एप जिसमें आप अपने इष्ट का मंदिर स्थापित कर सकते हैं। 👉इस ऐप में अपने इष्ट का मंदिर स्थापित कर रोजाना उनकी पूजा, अर्चना कर, मंदिर में मौजूद दीपक को इष्ट के चरणों में प्रज्वलित कर भी सकते हैं। 👉श्री मंदिर पर रोजाना जहां एक आरे आप सुबह के शुभ मंत्रों को सुनकर अपने दिन की मंगलमय शुरुआत करते हैं, वहीं, रात्रि में मन को शांत करने वाले मंत्रों के जरिए अपने दिन का शुभ समापन भी कर सकते हैं। 👉यहां कई प्रकार के आध्यात्मिक भजन, चालीसा, हर शुभ कार्य के लिए उपयोग किए जाने वाले मंत्र, पंचांग, पुराणों का संग्रह मिल जाते हैं जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग किया जाता है। 👉यहां ना सिर्फ मंत्रों को सुनकर आसानी से पढ़ना सीख सकते हैं, बल्कि उन्हें याद भी किया जा सकता है। 👉इसके अलावा इस एप पर विष्णु पुराण, महाभारत, सम्पूर्ण रामायण जैसे धार्मिक महाकाव्यों और गीता ज्ञान जैसे आध्यात्मिक विषयों पर आधारित वीडियो भी देखने को मिल जाते हैं। 👉यहां कई प्रकार के आध्यात्मिक भजन, चालीसा, हर शुभ कार्य के लिए उपयोग किए जाने वाले मंत्र, पंचांग, पुराणों का संग्रह बड़ी आसानी से मिल जाता है। 👉इस एप में दिए पंचांग के जरिए आप ना सिर्फ तिथियों की जानकारी प्राप्त करते हैं बल्कि शुभ मुहूर्त, राशिफल, राहुकाल और पक्ष को जानकर उसके अनुसार अपने कार्यों को पूरा भी कर सकते हैं। श्री मंदिर को बाकी सोशल मीडिया एकाउंट्स पे भी फॉलो करे 👇 Instagram: https://instagram.com/srimandirapp?ig... FaceBook: / srimandirapp #srimandir #Devotional #spiritual