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कल सुबह आदिनाथ भगवान के निर्वाण दिवस के पावन अवसर पर एक विशेष वीडियो रिलीज होगी। हमारी मंगल भावना है कि यह प्रस्तुति आदिनाथ भगवान की भक्ति और उनके गुणों को आत्मसात करने में आपके लिए प्रेरणादायक और सुदृढ़ सिद्ध होगी। जय जिनेंद्र! 🙏 About the Song: "AadiBrahma" is a musical tribute to the first Tirthankar, Bhagwan Adinath, released on the auspicious day of his Moksha Kalyanak (February 17, 2026). This song traces the divine journey of Lord Rishabhdev—from the sixteen dreams of Mata Marudevi and his role as the creator of civilization (Aadi-Brahma) to his final liberation at the peaks of Mount Kailash. Lyrics Highlights: The Beginning: The era of Karmabhoomi and the birth of the first King. The Turning Point: The dance of Nilanjana leading to supreme detachment (Vairagya). The Liberation: The destruction of the eight karmas and the opening of the Siddha Shila. Full Lyrics: [आगमन और जन्म] सर्वार्थसिद्धि का शिखर, समय छह मास शेष था, कुबेर की रत्न-वृष्टि से, चमक रहा प्रदेश था। मरुदेवी के सोलह स्वप्न, सत्य का प्रमाण बने, गर्भ-अवतरण हुआ, मरुधर ही भगवान बने। छप्पन दिक्कुमारियाँ, दिशाओं को सजाती हैं, नौ महीने बाद, धरा मंगल-गीत गाती है। [मुखड़ा / Chorus] आदि-नाथ, आदि-गुरु, आदि-ब्रह्मा, आदि-ईश, ऋषभदेव के चरणों में झुकता दुनिया का ये शीश। [जन्माभिषेक] सिंहासन काँपा इंद्र का, अचंभित देव-लोक था, ऐरावत तैयार हुआ, थमा हर एक शोक था। शची-इंद्र ने गोद लिया, वो अद्भुत बाल-रूप, मेरु की चोटी पे हुआ, 'जन्माभिषेक' अनूप। [राज्याभिषेक और कर्मभूमि] बीता बचपन, आया यौवन, ऋषभ का तेज प्रचंड, राज्याभिषेक हुआ, बना राजा वो अखंड। पर काल बदल रहा था, थमी भोगों की धारा, 'भोगभूमि' ढल रही थी, 'कर्मभूमि' का इशारा। [षट्कर्म और समाज निर्माण] कल्पवृक्ष कम हुए, तो प्रभु ने राह दिखाई, जीवन कैसे जीना है, वो कला सबको सिखाई। असि, मसी, कृषि—शस्त्र, शास्त्र और हल, विद्या, वाणिज्य, शिल्प—बनाया भविष्य का बल। 'षट्कर्म' का मंत्र दिया, समाज का आधार बना, दुनिया ने पूजा उन्हें, वो 'आदि-ब्रह्मा' का अवतार बना। युग-स्रष्टा, पथ-प्रदर्शक, नाम कई विख्यात हुए, संस्कृति के बीज उन्हीं के हाथों से साक्षात हुए। [वैराग्य - नीलांजना का नृत्य] नृत्य देख रहे थे राजा, 'नीलांजना' की थाप थी, क्षण में जीवन बुझ गया, वो दृश्य ही विलाप थी। टूटी माला, बिखरे मोती, सत्य आँखों में आया, वैराग्य का ज्वार उठा, त्याग दी सारी माया। 'लौकांतिक देव' आए, करने को वंदना, दीक्षा का संकल्प हुआ, टूटी मोह की संधना। [तपस्या और अक्षय तृतीया] छह मास का मौन ध्यान, जैसे देह पाषाण हुई, छह मास की चर्या फिर, कठिन बड़ी परीक्षा हुई। पर विधि न जानती दुनिया, कैसे हो आहार दान? तब श्रेयांस ने पहचाना, अपना कुल और अपना मान। इक्षु-रस की धार गिरी, टूटा वो महान उपवास, 'अक्षय तृतीया' जन्मी तब, अमर हुआ वो इतिहास। [केवलज्ञान और मोक्ष] हजार वर्ष की कठिन तपस्या, अग्नि जैसा ताप था, प्रयागराज की भूमि पर, मिटा हर संताप था। फूटा 'केवलज्ञान' का सूरज, ज्ञान हुआ अनंत, तीर्थ की स्थापना की, आए सत्य के वसंत। अहिंसा का धर्म दिया, जड़-चेतन का भेद कहा, अज्ञान के अंधकार में, प्रकाश का संवेद कहा। [मोक्ष - कैलाश गमन] चले कदम उस ओर, जहाँ आत्मा का वास है, कैलाश की ऊँचाइयों पर, नया एक विलास है। अष्ट-कर्म का नाश हुआ, सिद्ध शिला का द्वार खुला, मोक्ष की उस परम ज्योति में, सारा जगत् ही धुला। [अंतिम कोरस] आदि-नाथ, आदि-गुरु, आदि-ब्रह्मा, आदि-ईश, ऋषभदेव के चरणों में झुकता दुनिया का ये शीश। Connect with AagamKiVaani 2.0 Official Website: https://jain-wisdom-hub.vercel.app/ Join our WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6o... Follow on Instagram: / aagamkivaani Follow on Facebook: https://www.facebook.com/profile.php?... #AdinathBhagwan #MokshaKalyanak #AadiBrahma #Jainism #Rishabhdev #AagamKiVaani #NirwanDivas #JainBhajan #Kailash #JainWisdomHub #JinBhakti #FirstTirthankar #AadiNath #MokshaKalyanak2026 #DigambarJain #SpiritualAwakening #JainMusicVideo #AadiGuru #NewRelease #SiddhaShila