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भगवान शिव के कई रूप हैं, जिनमें से कुछ के बारे में जानकारीः हिन्दू धर्म में, भगवान शिव को आठ रूपों में माना जाता है. ये रूप हैं - शर्व, भव, रुद्र, उग्र, भीम, पशुपति, ईशान, और महादेव. धर्म ग्रंथों के मुताबिक, भगवान शिव के 19 अवतार हुए थे. इनमें से कुछ अवतार ये रहे: वीरभद्र, पिप्पलाद, नंदी, भैरव, अश्वत्थामा, शरभावतार, गृहपति, ऋषि दुर्वास, हनुमान जी, वृषभ, यतिनाथ, कृष्णदर्शन, अवधूत, भिक्षुवर्य, सुरेश्वर, किरात, ब्रह्मचारी, सुनटनतर्क, और यक्ष. शिव पुराण के मुताबिक, भगवान शिव ने दुनिया में बुराई को खत्म करने के लिए कई बार अवतार लिए थे. शिव के कुछ और नाम ये हैं - नीलकंठ, महाकाल, शंकर, महेश्वर, पशुपतिनाथ, नटराज, भोलेनाथ, बैद्यनाथ, रुद्र, और भैरव. भगवान शिव का निवास स्थान कैलाश पर्वत श्मशान है. भगवान शिव का मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' और 'ॐ नमो भगवते रूद्राय महामृत्युंजय मंत्र' है शिव के कई रूप हैं जो मानव मन की कल्पना और कल्पनाओं के परे हर संभावनाओं को समाहित किए हुए है। कुछ उग्र और भयंकर हैं। कुछ गूढ़ हैं। अन्य सुन्दर और आकर्षक हैं। शिशु समान भोलेनाथ से उग्र कालभैरव तक, सुन्दर सोमसुन्दर से भयंकर अघोरी तक- शिव इनसे अछूते रहते हुए भी,हर संभावना को समाहित करते हैं। इन सबमें से पाँच रूप प्रमुख हैं। हरि विष्णु की तरह शिवजी ने भी अनेक अवतार लिए. महावीर हनुमान उनके 11वें रुद्र अवतार माने गए हैं. उनका पहला स्वरूप 'महाकाल' को माना गया है. यही वह रूप है, जो संहार का प्रतीक है. इन्हें काल भी कहा जाता है. शिवजी त्रिदेवों में से एक हैं. ब्रह्मदेव जहां सृष्टि के रचयिता माने गए हैं, वहीं विष्णु पालक और शिव संहारक माने गए हैं. विष्णु को हरि और शिव को हर कहा जाता है. धर्मशास्त्रों में हरि के 24 अवतारों का वर्णन है, उसी प्रकार ‘हर’ के 19 अवतारों का उल्लेख है. यहां आज हम आपको शिव महापुराण में बताए गए शिव जी के कुछ अंश अवतारों का उल्लेख करेंगे. शिवजी ने कई रुद्रावतार लिए, जिनमें 11वें रुद्र अवतार महावीर हनुमान माने गए हैं. शिवजी का पहला स्वरूप ‘महाकाल’ को माना गया है. यही वह रूप है, जो संहार का प्रतीक है. इन्हें काल भी कहा जाता है. जब कोई भी प्राणी देह त्यागता है तो ‘काल’ का नाम आता है. बहुत सारे भक्तजन शिवजी को ‘महाकाल’ ही कहते हैं. शिव जी के अवतार 1 .महाकाल 2. तारा 3. भुवनेश 4. षोडश 5. भैरव 6. छिन्नमस्तक गिरिजा 7. धूम्रवान 8. बगलामुख 9. मातंग 10. कमल महाकाल समेत ये दसों अवतार तंत्रशास्त्र से संबंधित हैं. शिवजी के 11 रुद्रावतार जो हुए, वे इस प्रकार हैं- 1. कपाली 2. पिंगल 3. भीम 4. विरुपाक्ष 5. विलोहित 6. शास्ता 7. अजपाद 8. आपिर्बुध्य 9. शम्भू 10. चण्ड 11. हनुमानजी