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#ayurveda #ayurvedicmedicine #health भारतीय चिकित्सा परंपरा का ज़िक्र आते ही आयुर्वेद को अक्सर ‘प्राकृतिक’ और ‘सुरक्षित’ मान लिया जाता है. अक्सर लोग इसे बिना किसी डॉक्टर की सलाह के भी नियमित रूप से लेते हैं. सरकार भी आयुर्वेद को भारत की सॉफ्ट पावर के तौर पर दुनिया के सामने पेश कर रही है. सवाल यह है कि जिस तरह एलोपैथी दवाओं के हर दावे और हर संभावित दुष्प्रभाव को क्लीनिकल ट्रायल और सख़्त रेगुलेटरी जांच से गुजरना पड़ता है, क्या वही कसौटी आयुर्वेद पर भी लागू होती है? ‘प्राकृतिक’ शब्द भरोसा तो पैदा करता है, लेकिन क्या सिर्फ़ इससे भरोसा किया जा सकता है? जिस परंपरा को सुरक्षित और भरोसेमंद बताया जाता है, उसे अब एक वैश्विक ब्रांड बनाने की तैयारी चल रही है. ऐसे में यह सवाल और ज़रूरी हो जाता है कि क्या आयुर्वेद वाकई पूरी तरह सुरक्षित है? और क्या ‘प्राकृतिक’ होना दुष्प्रभावों से मुक्त होने की कोई गारंटी देता है? क्या आयुर्वेदिक दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल होते हैं? अगर होते हैं, तो उनका पैमाना क्या है, उनकी प्रक्रिया कितनी वैज्ञानिक है और उसमें कितनी पारदर्शिता है? एक और अहम सवाल यह है कि जब भारतीय आयुर्वेदिक उत्पाद विदेशों में निर्यात किए जाते हैं, तो उन्हें अक्सर दवा के बजाय ‘फूड प्रोडक्ट’ या ‘सप्लीमेंट’ की श्रेणी में क्यों रखा जाता है? क्या यह कड़े रेगुलेटरी मानकों से बचने का तरीका है? सिर्फ दवाइयां ही नहीं, आयुर्वेदिक उत्पादों के विज्ञापन भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं. नियमों के मुताबिक जिन बीमारियों के इलाज का दावा नहीं किया जा सकता, उनके दावे खुलेआम किए जाते हैं. केरल के एक डॉक्टर और दवा निर्माता का कहना है कि उनकी दवा से दर्जनों दंपति माता-पिता बने. वहीं, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों को ठीक करने के दावे भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं. अगर किसी आयुर्वेदिक दवा के दुष्प्रभाव सामने आते हैं, या उनमें तय मानकों से अधिक पारा (मरकरी) या सीसा (लेड) पाया जाता है, तो सरकारी व्यवस्था में उस पर क्या कार्रवाई होती है? दोषियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया क्या है? यह डॉक्यूमेंट्री इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश है और यह जानने की भी कि आयुर्वेद को सचमुच भरोसेमंद बनाने के लिए सरकार ज़मीनी स्तर पर वास्तव में क्या कर रही है. 00:00:00 प्रीकैप 00:04:14 Chapter 1: आयुर्वेदिक दवाइयों में मिलावट 00:15:12 Chapter 2: आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण, उपयोग और निर्यात 00:25:00 Chapter 3: क्लीनिकल ट्रायल्स और लाइसेंस की पहेली 00:56:34 Chapter 4: आयुर्वेदिक दवाइयों की बिक्री के नियम 01:09:50 Chapter 5: आयुर्वेद और विज्ञापन की दुनिया 01:22:29 क्रेडिट्स और सब्सक्रिप्शन अपील न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें : https://www.newslaundry.com/subscript... 'हवा का हक़' कैंपेन से जुड़िए : https://rzp.io/rzp/T4Ob0FCb अन्य सभी अपडेट्स के लिए डाउनलोड करें न्यूज़लॉन्ड्री एप : https://www.newslaundry.com/download-app न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी के व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें : https://whatsapp.com/channel/0029Va5n... न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी से आप इन सोशल मीडिया चैनल्स पर भी जुड़ सकते हैं- व्हाट्सएप: https://chat.whatsapp.com/K2XFgEKcC0V... फेसबुक: / newslaundryhindi ट्विटर: / nlhindi इंस्टाग्राम: / newslaundryhindi