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#IndiaLegal #indialegalshorts #LegalNewsUpdate हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 31 मई से पहले हर हाल में चुनाव करवाने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुनर्सीमांकन के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं के चुनाव को नहीं टाला जा सकता। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जयमाल्या बागची की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि टेलीकॉम सेवा प्रदाता इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्टसी कोड के तहत मोरेटोरियम का उपयोग करके स्पेक्ट्रम को एक कॉर्पोरेट संपत्ति के रूप में नहीं मान सकते हैं और न ही इसका उपयोग करके सरकार को देय लाइसेंस और स्पेक्ट्रम शुल्क के भुगतान को स्थगित या पुनर्गठित कर सकते हैं। यह मामला एयरसेल लिमिटेड, डिशनेट वायरलेस लिमिटेड और एयरसेल सेल्युलर लिमिटेड की इन्सॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स से उत्पन्न हुआ है। इन कंपनियों ने 2006 में यूनिफाइड एक्सेस सर्विस लाइसेंस समझौतों के तहत टेलीकॉम लाइसेंस प्राप्त किए थे और सरकार द्वारा आयोजित नीलामियों के माध्यम से स्पेक्ट्रम भी प्राप्त किया था। जब इन कंपनियों ने आईबीसी के तहत स्वयं को इन्सॉल्वेंसी में डाल दिया, तो स्पेक्ट्रम का उपयोग करने का अधिकार कॉर्पोरेट ऋणी की संपत्ति के रूप में माना गया था। कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया या सीसीआई ने इंटेल कॉर्पोरेशन पर 27 करोड़ 38 लाख का जुर्माना लगाया है, क्योंकि कंपनी ने भारत में डेस्कटॉप पीसी के लिए बॉक्स्ड माइक्रोप्रोसेसर के बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग किया था। सीसीआई ने पाया कि इंटेल की भारत-विशिष्ट वारंटी सेवा नीति अनुचित और भेदभावपूर्ण थी, क्योंकि अन्य देशों में ऐसी कोई प्रतिबंध नहीं लगाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में अवैध खनन के मामले में राज्य सरकार की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों की अनदेखी के कारण ग्रामीणों को हिंसा पर उतरना पड़ा। न्यायालय ने राज्य सरकार से उन अधिकारियों के नाम और पद की जानकारी मांगी है जो उस समय पद पर थे जब यह घटना हुई थी ...कोर्ट ने एक व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा कि अवैध खनन और पत्थर क्रशिंग यूनिटों के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने से यह घटना हुई। Welcome to the ‘India Legal’ YouTube Channel presented by APN News. This channel is dedicated to Legal Information. We cover everything from law case studies to detailed information on how the system works. We will share videos on how the Supreme court, high court, subordinate courts, legal aid, the law profession, and Alternative Dispute Resolution (ADR) works. If you are curious about Indian Law or are studying this subject, you have landed at the right place. "We are on a mission to make India aware of their rights and informed on legal matters." अगर आप भी अपने अधिकारो और हमारे देश की न्यायिक प्रक्रिया को जानना और समझना चाहते है, तो आप बिलकुल सही जगह आएं है, यहां मिलेगी आपको कोर्ट कचहरी से जुडी सभी जानकारियां, सिर्फ 1 क्लिक पर, सब्सक्राइब करें इंडिया लीगल। Feel free to share your feedback, ideas and thoughts on our content Contact@indialegallive.com Stay updated. Subscribe to our channel https://bit.ly/3HDWl3E Visit Our Website: https://www.indialegallive.com/ Facebook: / indialegalme. . Twitter: / indialegalmedia Instagram: / indialegalm. .