У нас вы можете посмотреть бесплатно FAKE POLICE GANG | पुलिस या अपराधी? डेट्रॉइट की नकली रेड्स की चौंकाने वाली कहानी | или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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1. जब नकली पुलिस ने डेट्रॉयट को दहशत में डाल दिया 2. पुलिस की वर्दी, असली गोलियां और 1994 का सबसे खौफनाक गिरोह 3. जो खुद को पुलिस बताकर घरों में घुसते थे, डेट्रॉयट 1994 4. 50 हमले, 29 गिरफ्तारियां और एक शहर जो डर के साए में था 5. होम इन्वेजन गैंग जिसने डेट्रॉयट पुलिस को भी हिला दिया हेलो दोस्तों, मेरा नाम है किशोर और स्वागत है आपका मेरे चैनल The Unique में। आज की यह कहानी आपको अमेरिका के डेट्रॉयट शहर के उस काले दौर में ले जाएगी, जब 1994 में एक खतरनाक गिरोह पूरे शहर में दहशत फैलाए हुए था। यह कोई आम चोर या लुटेरों का गिरोह नहीं था, बल्कि ऐसे अपराधी थे जो खुद को पुलिस बताकर घरों में घुसते थे और लोगों की जिंदगी को नरक बना देते थे। फरवरी 1994 से डेट्रॉयट के कुछ इलाकों में अजीब घटनाएं शुरू हो गई थीं। नकली पुलिस की वर्दी पहने लोग अचानक घरों में घुसते, ड्रग्स और पैसे की मांग करते और विरोध करने पर गोली चला देते थे। शुरुआत में लोग समझ ही नहीं पा रहे थे कि यह असली पुलिस है या कोई और। इसी भ्रम का फायदा उठाकर यह गिरोह लूटपाट, हिंसा और यहां तक कि यौन अपराध भी कर रहा था। सबसे डरावनी बात यह थी कि ये हमलावर इतनी सफाई से वारदात करते थे कि कोई ठोस सबूत पीछे नहीं छोड़ते थे। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद जून 1994 में FBI और डेट्रॉयट पुलिस ने मिलकर एक स्पेशल वायलेंट क्राइम टास्क फोर्स बनाई। जांच में सामने आया कि जनवरी से जून के बीच करीब 50 से ज्यादा ऐसी वारदातें हो चुकी थीं। पीड़ितों से बात करने पर एक साफ पैटर्न नजर आया। हर बार हमलावर पुलिस की तरह ही रेड डालते थे, भारी हथियारों से लैस रहते थे और कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म कर देते थे। जांच एक अहम मोड़ पर तब पहुंची जब जुलाई 1994 में एक गोली लगा हुआ व्यक्ति मिला, जिसके पास पुलिस जैकेट, बुलेटप्रूफ वेस्ट और हथियार थे। उसकी पहचान डांटे गैरीसन के रूप में हुई। इलाज के दौरान उसने कबूल किया कि वह इसी गिरोह का हिस्सा था और उसने गिरोह के नेताओं ओबी कार्टर और आंद्रे वुड्स के नाम बताए। यहीं से पुलिस को अंदरूनी जानकारी मिलनी शुरू हुई। वायरटैप, सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से टास्क फोर्स ने धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क को समझा। यह गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ काम करता था, रेकी करता था, ट्रेनिंग देता था और फिर वारदात को अंजाम देता था। नवंबर 1994 में आखिरकार वह दिन आया जब पुलिस ने इस गैंग को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। इसके बाद जो हुआ वह एक हाई-वोल्टेज पुलिस ऑपरेशन था, जिसमें लंबा पीछा, भारी फायरिंग और जानलेवा मुठभेड़ शामिल थी। इस ऑपरेशन में गिरोह का एक बड़ा लीडर ओबी कार्टर मारा गया और बाकी सदस्यों को धीरे-धीरे पकड़ लिया गया। कुल मिलाकर 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया और सभी को सजा हुई। यह अमेरिका के सबसे बड़े होम इन्वेजन केसों में से एक माना जाता है। यह कहानी सिर्फ अपराध की नहीं, बल्कि पुलिस और FBI की उस टीमवर्क की है जिसने मिलकर एक पूरे शहर को दहशत से बाहर निकाला। आपको यह कहानी कैसी लगी, कमेंट में जरूर बताइए। ऐसे ही अनोखी और सच्ची क्राइम स्टोरीज़ के लिए The Unique को सब्सक्राइब करना मत भूलिए।