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290 खेलत श्यामा-श्याम ललित ब्रज में रस-होरी#vrindavanrassiddhant#padratnakar HoriLeela gayanChintan Radha Krishna Ras Holi Shyama Shyam Holi Leela Braj Ras Hori Vrindavan Holi Festival Radha Krishna Holi Song Lalit Braj Holi Krishna Leela Holi Spiritual Holi Bhajan Devotional Holi Song Barsana Holi Celebration Raslila Holi Hindu Festival Holi Krishna Bhakti Song Radha Rani Holi Braj Ki Holi Indian Spiritual Music Holi Kirtan Bhakti Ras Krishna Devotional Video Traditional Holi Song खेलत श्यामा-श्याम ललित ब्रज में रस-होरी॥ राधा-संग सखी-सहचरी, सब मिलि केसर-रंग घोरी। सुन्दर श्याम- बदन पर डारत भरि-भरि कनक-कटोरी॥ प्रेम-रस-रंग बिभोरी॥ खेलत॥ हरि-हरि हरि-मुख पिचकारी छोड़ि रही चहुँ ओरी। पकड़ि हाथ सखियन मलि दीनौ मुख गुलाल अति गोरी॥ श्याम-मुख अरुण भयो री॥ खेलत॥ देखि प्रसन्न बदन सखियन संग रंगिनि नवल किशोरी। उमग्यो हिय आनंद-सिंधु, हरि रंग दीन्हीं सब गोरी॥ सुरस-संग्राम पच्यो री॥ खेलत॥ बाजत ताल-मृदंग, ढोल-डफ, सिंग-बेनु ठोरी। गावत राग धमाल नृत्य करि, कर अबीर की झोरी॥ पुकारत हो-हो होरी॥ खेलत॥ 🌸 सरल भावार्थ ब्रज में राधा और कृष्ण बड़ी ललित रीति से रसपूर्ण होली खेल रहे हैं। राधा जी अपनी सखियों के साथ मिलकर केसर का रंग घोल रही हैं और सुंदर श्याम के मुख पर सोने की कटोरी से भर-भर कर रंग डाल रही हैं। सब प्रेम और रंग के आनंद में डूबे हुए हैं। श्रीकृष्ण भी चारों ओर पिचकारी से रंग बरसा रहे हैं। सखियाँ उनके हाथ पकड़कर उनके मुख पर गुलाल मल देती हैं, जिससे उनका श्यामल मुख लाल (अरुण) हो जाता है। नवयौवना राधा जी सखियों के साथ प्रसन्न मुख से रंग खेल रही हैं। यह दृश्य देखकर सबके हृदय में आनंद का समुद्र उमड़ पड़ता है। श्रीकृष्ण सब गोपियों को अपने रंग में रंग देते हैं। यह प्रेम का मधुर संग्राम जैसा प्रतीत होता है। चारों ओर मृदंग, ढोल, डफ और बांसुरी आदि वाद्य बज रहे हैं। राग-धमार गाया जा रहा है, नृत्य हो रहा है और सबके हाथों में अबीर-गुलाल की झोली है। सब मिलकर हर्षपूर्वक पुकार रहे हैं — “हो-हो होरी!”