У нас вы можете посмотреть бесплатно वसंत पंचमी (संपूर्ण) झाँकी || काशी हिंदू विश्वविद्यालय || 109वां स्थापना दिवस BHU|| или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय ,आज अपना 109वां स्थापना दिवस मना रहा है, इसके उपलक्ष में शोभा यात्रा निकाली जाती है।बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर निकलने वाली इस शोभा यात्रा की झलकियां देखें।जो काफी सराहनीय रही |हर वर्ष की भांति इस बार भी झांकी का कार्यक्रम रखा गया है | यह काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाता है | धन्यवाद | 109वें स्थापना दिवस पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में बही वासंती बयार, झांकियों में प्रस्तुत की गई विश्वविद्यालय की विविधता व विरासत • स्थापना स्थल पर कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन तथा विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने किया हवन पूजन • “विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत” की थीम पर निकाली गई झांकियों में दिखी वैश्विक पटल पर उभरते भारत की तस्वीर • छात्रावासों में विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक की विद्या व ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा अर्चना वाराणसी, 14.02.2024: महामना की बगिया काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के 109वें स्थापना दिवस पर बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में वासंती बयार बही। विद्यार्थियों तथा विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने अत्यंत उत्साह व उल्लास के साथ सर्वविद्या की राजधानी का स्थापना दिवस मनाया। 1916 में वसंत पंचमी के दिन ही विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी गई थी। समारोह की शुरुआत स्थापना स्थल पर हवन-पूजन के साथ हुई, जिसमें कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन, कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह, छात्र अधिष्ठाता प्रो. अनुपम कुमार नेमा, विभिन्न संस्थानों के निदेशक, संकाय प्रमुख, अधिकारीगण व कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में कुलपति जी ने विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों का आह्वान किया कि वे स्थापना दिवस के अवसर पर यह संकल्प लें कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खुद को पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध करेंगे। प्रो. जैन ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना के मूल में विद्यार्थियों का चौमुखा विकास है और बतौर शिक्षक हमें यह सुनिश्चित करना होगा, कि संस्थान के प्रत्येक विद्यार्थी का शैक्षणिक, वैचारिक, तथा चारित्रिक विकास हो, तथा वह अपने मार्ग से विमुख न हों, क्योंकि अगर ऐसा होता है तो वह शिक्षक व संस्थान के रूप में हम सभी की ज़िम्मेदारी है। कुलपति जी ने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना के समय मालवीय जी का यह विचार था कि विद्यार्थी एक विषय अथवा विभाग तक सीमित न रह जाएं। उन्होंने कहा कि आज नई शिक्षा नीति भी इसी विचार को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय के सदस्यों का आह्वान किया कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं तथा अपने विद्यार्थियों में ऐसी क्षमताएं व कौशल विकसित करें कि वे भविष्य में समाज व देश के ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में योगदान दें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का उत्थान ही शिक्षक व संस्थान के उत्थान का परिचायक है और हमें इस दिशा में अनुकरणीय रूप से कार्य करना होगा। विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न संकायो, केन्द्रों, व संस्थानों ने “विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत” की थीम पर झांकियां पेश की। इन झांकियों में बीएचयू की विशेषताओं, विविधता व समृद्ध विरासत के साथ साथ विभिन्न क्षेत्रों में देश की उपलब्धियों व वैश्विक पटल पर उभरते भारत की तस्वीर को प्रदर्शित किया गया। स्थापना दिवस समारोह में कुल 31 झाँकिया निकाली गईं। मालवीय भवन से गुजरती हुई भव्य झांकियों में विद्यार्थियों की प्रतिभा, उत्साह, व सृजनात्मकता ने संपूर्ण वातावरण में ऊर्जा व भाव का संचार किया। विद्यार्थियों ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक मोर्चे पर भारत की उपलब्धियों, भारत द्वारा जी20 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी, डिजिटल इंडिया, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा, नारी सशक्तिकरण आदि अनेक विषयों पर मुख्य मंच के समक्ष प्रस्तुतियां दीं, जिस पर कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन, मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह, कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह, छात्र अधिष्ठाता प्रो. अनुपम कुमार नेमा समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति आसीन थे। जहां सेन्ट्रल हिन्दू बॉएज़ स्कूल ने विविधता में एकता की भारत की तस्वीर को पेश किया, वहीं, रणवीर संस्कृत विद्यालय ने वैदिक ज्ञान से लेकर आधुनिक विज्ञान तक भारत की यश यात्रा को अपनी झांकी में परिलक्षित किया। महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी झांकी में कॉलेज की विकास यात्रा की बात की, तो ये भी बताया बालिकाओं की शिक्षा तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एमएमवी ने कितनी सक्रिय भूमिका निभाई है। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा व चिकित्सा, योग, सनातन वैभव, तथा अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की शौर्य गाथा का प्रदर्शन किया, तो दृश्य कला संकाय ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को चित्रों तथा भगवान राम की मूर्ति के प्रतिरूप के रूप में प्रस्तुत किया। इस झांकी में भगवान राम के जीवन प्रसंगों को सुन्दर चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया। basant panchami celebration,bhu basant panchami celebration,vasant panchami,vasant panchami at bhu,bhu celebration,bhu foundation day,bhu foundation day celebration,basant panchami festival in india 2024,basant panchami 2024 in hindi,vasant panchami 2024 date,vasant panchami jhanki,vasant panchami kab hai 2024,basant panchami,basant panchami 2024 muhurat time,basant panchami kab hai,bhu jhanki celebration,basant panchami 2024 date time shubh muhurat #bhu #vasant_panchami_jhankhi_in_bhu #109th_establishment_year_of_bhu #bhu_student #bhu_love #bhu_affilated_hostel #bhu_ims #imsbhu #celebration_of_vasantpanchmi_ims_bhu #Faculty_of_law_bhu_ki_shobha_yatra #viralvideo #vdeo