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होशियार चूहे और शेर की दोस्ती | SHER KI KAHANI | JUNGLE KI KAHANI | Hindi Kahani | Hindi Kahaniya 0:00:07 : बहुत समय पहले की बात है। एक हरेभरे घने जंगल में एक शेर रहता था। वो जंगल का राजा 0:07:19 : था। शक्तिशाली, साहसी और हर जानवर उससे डरता था। शेर की दहाड़ सुनकर दूर-दूर तक 0:15:19 : के जानवर कांप उठते थे। लेकिन इस जंगल में एक छोटा सा चूहा भी रहता था। वो नन्हा, 0:22:15 : चुस्त और थोड़ा शरारती था। अक्सर वो इधर-उधर भागता, अनाज ढूंढता और अपने 0:28:20 : दोस्तों के साथ खेलता। एक दिन दोपहर के समय जब शेर पेड़ के नीचे आराम कर रहा था 0:35:00 : तो वही छोटा चूहा उसके शरीर पर दौड़ने लगा। शेर की नींद खुल गई। उसने गुस्से में 0:41:17 : चूहे को अपने पंजों में दबोच लिया। शेर ने गुस्से से कहा। 0:46:06 : छोटे नीच प्राणी, तूने मेरी नींद खराब करने की हिम्मत कैसे की? अभी तुझे खा 0:52:08 : जाऊंगा। चूहा डर के मारे कांपने लगा। लेकिन उसने हिम्मत करके कहा 0:57:19 : हे जंगल के राजा कृपया मुझे छोड़ दीजिए। मैं जानता हूं कि मैं बहुत छोटा हूं। 1:03:14 : लेकिन हो सकता है एक दिन मैं भी आपके काम आ जाऊं। 1:07:00 : शेर ठहाका मारकर हंस पड़ा। तू मेरे काम आएगा। तू इतना छोटा है कि 1:15:10 : तुझे एक ही निवाले में निगल सकता हूं। खैर तेरा साहस देखकर आज मैं तुझे छोड़ देता 1:21:22 : हूं। शेर ने दया दिखाकर चूहे को आजाद कर दिया। चूहा खुशी-खुशी अपनी बिल में लौट 1:28:16 : गया। कुछ ही दिनों बाद जंगल में शिकारी आ गए। उन्होंने शेर को पकड़ने के लिए 1:34:13 : बड़े-बड़े जाल लगाए। एक दिन शेर जंगल में शिकार की तलाश में घूम रहा था। अचानक वो 1:42:13 : एक मजबूत जाल में फंस गया। शेर ने जोर लगाकर जाल तोड़ने की कोशिश की। लेकिन जाल 1:49:24 : इतना मजबूत था कि वो खुद को छुड़ा ना सका। उसकी दहाड़ पूरे जंगल में गूंजने लगी। 1:57:00 : बचाओ कोई है जो मेरी मदद करे? जंगल के सारे जानवर शेर की दहाड़ सुनकर डर 2:02:28 : गए। कोई उसकी मदद करने नहीं आया। लेकिन वही छोटा चूहा शेर की आवाज सुनकर दौड़ता 2:09:15 : हुआ पहुंचा। उसने देखा कि शेर जाल में फंसा है और शिकारी पास ही छिपे हुए हैं। 2:15:17 : चूहे ने तुरंत अपने तेज दांतों से जाल की रस्सियों को काटना शुरू किया। शेर ने 2:20:14 : आश्चर्य से देखा वही छोटा सा चूहा जिसे उसने कभी मजाक समझा था अब उसकी जान बचाने 2:26:28 : में लगा है। चूहा लगातार मेहनत करता रहा। धीरे-धीरे जाल की मोटी रस्सियां कटने लगी। 2:33:08 : कुछ ही देर में जाल टूट गया और शेर आजाद हो गया। शेर ने राहत की सांस ली। वो भावुक 2:40:16 : होकर बोला छोटे मित्र आज तुमने मेरी जान बचा ली। 2:44:26 : मैंने सोचा भी नहीं था कि तुम सच में मेरे काम आ सकते हो। मैं तुम्हारा ऋणी हूं। 2:50:03 : चूहा मुस्कुराया और बोला महाराज यही तो जीवन का नियम है। कोई भी 2:40:16 : छोटा या बड़ा नहीं होता। समय आने पर हर कोई किसी के काम आ सकता है। 3:01:07 : उस दिन से शेर और चूहे में गहरी मित्रता हो गई। शेर अब किसी छोटे जीव को तुच्छ 3:06:27 : नहीं समझता था। बहुत समय पहले की बात है। एक हरे-भरे घने जंगल में एक शेर रहता था। वह जंगल का राजा था—शक्तिशाली, साहसी और हर जानवर उससे डरता था। शेर की दहाड़ सुनकर दूर-दूर तक के जानवर काँप उठते थे। लेकिन इस जंगल में एक छोटा-सा चूहा भी रहता था। वह नन्हा, चुस्त और थोड़ा शरारती था। अक्सर वह इधर-उधर भागता, अनाज ढूँढता और अपने दोस्तों के साथ खेलता। एक दिन दोपहर के समय, जब शेर पेड़ के नीचे आराम कर रहा था, तो वही छोटा चूहा उसके शरीर पर दौड़ने लगा। शेर की नींद खुल गई। उसने गुस्से में चूहे को अपने पंजों में दबोच लिया। शेर ने गुस्से से कहा – “छोटे नीच प्राणी! तूने मेरी नींद खराब करने की हिम्मत कैसे की? अभी तुझे खा जाऊँगा।” चूहा डर के मारे काँपने लगा, लेकिन उसने हिम्मत करके कहा – “हे जंगल के राजा, कृपया मुझे छोड़ दीजिए। मैं जानता हूँ कि मैं बहुत छोटा हूँ, लेकिन हो सकता है एक दिन मैं भी आपके काम आ जाऊँ।” शेर ठहाका मारकर हँस पड़ा। “हा-हा-हा! तू? मेरे काम आएगा? तू इतना छोटा है कि तुझे एक ही निवाले में निगल सकता हूँ। खैर... तेरा साहस देखकर आज मैं तुझे छोड़ देता हूँ।” शेर ने दया दिखाकर चूहे को आज़ाद कर दिया। चूहा खुशी-खुशी अपनी बिल में लौट गया। कुछ ही दिनों बाद जंगल में शिकारी आ गए। उन्होंने शेर को पकड़ने के लिए बड़े-बड़े जाल लगाए। एक दिन शेर जंगल में शिकार की तलाश में घूम रहा था। अचानक वह एक मजबूत जाल में फँस गया। शेर ने जोर लगाकर जाल तोड़ने की कोशिश की, लेकिन जाल इतना मजबूत था कि वह खुद को छुड़ा न सका। उसकी दहाड़ पूरे जंगल में गूँजने लगी— “बचाओ! कोई है जो मेरी मदद करे!” जंगल के सारे जानवर शेर की दहाड़ सुनकर डर गए। कोई उसकी मदद करने नहीं आया। लेकिन वही छोटा चूहा शेर की आवाज़ सुनकर दौड़ता हुआ पहुँचा। उसने देखा कि शेर जाल में फँसा है और शिकारी पास ही छिपे हुए है चूहे ने तुरंत अपने तेज दाँतों से जाल की रस्सियों को काटना शुरू किया। शेर ने आश्चर्य से देखा – वही छोटा-सा चूहा, जिसे उसने कभी मज़ाक समझा था, अब उसकी जान बचाने में लगा है। चूहा लगातार मेहनत करता रहा। धीरे-धीरे जाल की मोटी रस्सियाँ कटने लगीं। कुछ ही देर में जाल टूट गया और शेर आज़ाद हो गया। शेर ने राहत की साँस ली। वह भावुक होकर बोला – “छोटे मित्र! आज तुमने मेरी जान बचा ली। मैंने सोचा भी नहीं था कि तुम सच में मेरे काम आ सकते हो। मैं तुम्हारा ऋणी हूँ।” चूहा मुस्कराया और बोला – “महाराज, यही तो जीवन का नियम है। कोई भी छोटा या बड़ा नहीं होता। समय आने पर हर कोई किसी के काम आ सकता है।” इतना कहकर चूहा अपने बिल की ओर लौट गया।