У нас вы можете посмотреть бесплатно चैत्र अमावस्या 2026: 18 मार्च या 19 मार्च? अनजाने में भी न करें ये बड़ी गलती! | भूतड़ी अमावस्या или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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नमन, सनातन प्रेमी भाइयों और बहनों! 🙏 आज के इस विशेष वीडियो में हम बात करेंगे साल 2026 की सबसे महत्वपूर्ण अमावस्या - चैत्र अमावस्या, जिसे भूतड़ी अमावस्या भी कहा जाता है। इस बार तिथि को लेकर बहुत भ्रम है, इसलिए हम शास्त्र सम्मत जानकारी के साथ आपको सही मुहूर्त और विधि बताएंगे। इस वीडियो में आप जानेंगे: ✅ अमावस्या 18 मार्च को है या 19 मार्च को? (तिथि का रहस्य) ✅ भूतड़ी अमावस्या क्यों कहते हैं? (आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण) ✅ पितृ तर्पण की सरल और सटीक विधि। ✅ नकारात्मक शक्तियों से बचने के अचूक उपाय। ✅ पीपल और शनिदेव की पूजा का महत्व। ✅ अमावस्या और चैत्र नवरात्रि का दुर्लभ संगम। ✅ महिलाओं के लिए विशेष नियम (स्नान और बाल धोना)। 1:30 - पितरों के प्रति हमारी भावनाएं 5:00 - भूतड़ी अमावस्या का रहस्य 11:00 - तिथि का भ्रम दूर करें (18 या 19 मार्च?) 19:00 - सभी शुभ मुहूर्त की सूची 27:00 - पितर तर्पण विधि (Step-by-Step) 44:00 - नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा के उपाय 52:00 - पीपल और शनि पूजा का फल 60:00 - महिलाओं के लिए विशेष जानकारी 76:00 - पितृ दोष के लक्षण और निवारण 99:00 - एक प्रेरक सच्ची कहानी 107:00 - दान का महत्व Chaitra Amavasya 2026, Bhootadi Amavasya 2026, Chaitra Amavasya Date 2026, 18 March Amavasya, 19 March Amavasya, Pitru Tarpan Vidhi, Pitru Dosh Upay, Sanatan Dinacharya, Shubh Muhurat Amavasya 2026, Amavasya Vrat Vidhi, Peepal Puja on Amavasya, Shani Puja, Bhootadi Amavasya Rahasya, चैत्र अमावस्या 2026, भूतड़ी अमावस्या 2026, पितृ तर्पण, अमावस्या मुहूर्त. Hashtags #ChaitraAmavasya2026 #BhootadiAmavasya #SanatanDharma #PitruDosh #HinduRituals #AmavasyaVrat #SpiritualIndia #18March2026 #19March2026 #Astrology Disclaimer: इस वीडियो में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, शास्त्रों और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि सनातन परंपराओं के पीछे के अर्थ को समझाना है। किसी भी विशेष पूजा या अनुकरण से पहले अपने कुल पुरोहित या योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें। व्यक्तिगत अनुभव भिन्न हो सकते हैं।