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विपरीत राजयोग (Vipreet Rajyog) भारतीय ज्योतिष में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और विशेष योग माना जाता है। यह नाम के विपरीत, व्यक्ति को महान सफलता और धन प्रदान करने वाला योग है। यहाँ विपरीत राजयोग की विस्तृत जानकारी हिंदी में दी गई है: 🔱 विपरीत राजयोग क्या है? (What is Vipreet Rajyog?) विपरीत राजयोग तब बनता है जब त्रिक भावों (Trik Bhavas) के स्वामी (Lord) आपस में संबंध बनाते हैं। त्रिक भाव (Trik Bhavas): ज्योतिष में तीन भावों को दुःस्थान (Trik Sthana) या नकारात्मक भाव माना जाता है, जो संघर्ष, हानि और कठिनाइयाँ दर्शाते हैं। ये भाव हैं: छठा भाव (Sixth House): रोग, शत्रु, ऋण (कर्ज), और प्रतिस्पर्धा। आठवाँ भाव (Eighth House): आयु, मृत्यु, अचानक घटनाएँ, संकट, और बाधाएँ। बारहवाँ भाव (Twelfth House): व्यय (खर्च), हानि, विदेश यात्रा, और मोक्ष। योग का सिद्धांत: जब त्रिक भावों के स्वामी, अपनी प्राकृतिक नकारात्मकता को त्यागकर, आपस में ही स्थान परिवर्तन (Parivartana) करते हैं या एक-दूसरे के भाव में बैठते हैं, तो यह विपरीत राजयोग का निर्माण करता है। सरल शब्दों में, जब बुराई (त्रिक भाव) ही बुराई को नष्ट कर देती है, तब अत्यंत शुभ फल (राजयोग) की प्राप्ति होती है। यह योग व्यक्ति को अचानक, अप्रत्याशित रूप से सफलता और उच्च पद प्रदान करता है। 🏛️ विपरीत राजयोग के प्रकार (Types of Vipreet Rajyog) यह योग मुख्यतः तीन प्रकार का होता है, जो त्रिक भावों के स्वामी के संबंध पर आधारित है: 1. हर्ष राजयोग (Harsha Rajyog) निर्माण: जब छठे भाव (6th house) का स्वामी आठवें (8th) या बारहवें (12th) भाव में बैठता है। फल: यह योग शत्रुओं पर विजय दिलाता है, व्यक्ति को स्वस्थ रखता है, और उसे प्रसिद्ध बनाता है। व्यक्ति कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफल होता है। 2. सरल राजयोग (Sarala Rajyog) निर्माण: जब आठवें भाव (8th house) का स्वामी छठे (6th) या बारहवें (12th) भाव में बैठता है। फल: यह सबसे शक्तिशाली विपरीत राजयोग माना जाता है। यह व्यक्ति को गहन बुद्धि, दीर्घायु, और जीवन में अचानक धन लाभ देता है। यह मुश्किलों से निकलने की अद्भुत क्षमता देता है। 3. विमल राजयोग (Vimala Rajyog) निर्माण: जब बारहवें भाव (12th house) का स्वामी छठे (6th) या आठवें (8th) भाव में बैठता है। फल: यह योग व्यक्ति को खर्चों पर नियंत्रण करने की क्षमता देता है। व्यक्ति स्वतंत्र विचारों वाला होता है, और उसे विदेशों से लाभ प्राप्त होता है। ✅ विपरीत राजयोग के फल (Results of Vipreet Rajyog) यह योग तब पूर्ण रूप से फलित होता है, जब संबंधित ग्रह की दशा (Mahadasha) या अंतरदशा (Antardasha) चलती है। अचानक सफलता: व्यक्ति को जीवन में अचानक, अप्रत्याशित रूप से बहुत ऊँचा पद, धन या प्रसिद्धि मिलती है। बाधाओं का विनाश: यह योग व्यक्ति को हर संकट और बाधा से लड़ने और उस पर विजय प्राप्त करने की शक्ति देता है। शक्ति और प्रभुत्व: व्यक्ति एक शक्तिशाली और प्रभावशाली व्यक्ति बनता है, जिसे समाज में सम्मान मिलता है। धन लाभ: विशेष रूप से सरल राजयोग, अचानक और अप्रत्याशित वित्तीय लाभ (जैसे विरासत, लॉटरी, या छिपा हुआ धन) प्रदान कर सकता है। महत्वपूर्ण शर्त: विपरीत राजयोग का शुभ फल तभी प्राप्त होता है जब त्रिक भावों के स्वामी कमजोर हों, नीच राशि में न हों, और उन पर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि न हो। 00:00 Intro 00:10 Vipreet Rajyog 02:40 Basics of Astrology 05:30 Kundali main Vipreet Rajyog 06:40 Harsh Vipreet Rajyog 08:30 Saral Vipreet Rajyog 11:10 Vimal Vipreet Rajyog 13:10 Rajyog Kab kaam nahi karega 16:20 Lagna ka mahatva 17:30 End