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मुनि सकलव्रती बड़भागी, भवभोगन तैं वैरागी। वैराग्य उपावन माई, चिन्तैं अनुप्रेक्षा भाई॥(1) इन चिन्तत समसुख जागै, जिमि ज्वलन पवन के लागै। जब ही जिय आतम जानै, तब ही जिय शिवसुख ठानै॥(2) जोवन गृह गोधन नारी, हय गय जन आज्ञाकारी। इन्द्रिय भोग छिन थाई, सुरधनु चपला चपलाई ॥(3) सुर असुर खगाधिप जेते, मृग ज्यों हरि काल दले ते। मणि मन्त्र तन्त्र बहु होई, मरते न बचावै कोई ॥(4) चहुँगति दु:ख जीव भरै हैं, परिवर्तन पंच करै हैं। सब विधि संसार असारा, यामें सुख नाहिं लगारा ॥(5) शुभ-अशुभ करम फल जेते, भोगैं जिय एकहिं तेते। सुत दारा होय न सीरी, सब स्वारथ के हैं भीरी ॥(6) जल-पय ज्यौं जिय-तन मेला, पै भिन्न-भिन्न नहिं भेला। तो प्रगट जुदे धन-धामा, क्यों ह्वै इक मिलि सुत रामा॥(7) पल-रुधिर राध-मल-थैली, कीकस वसादि तैं मैली। नवद्वार बहैं घिनकारी, अस देह करै किम यारी ॥(8) जो जोगन की चपलाई, तातैं ह्वै आस्रव भाई। आस्रव दुखकार घनेरे, बुधिवन्त तिन्हैं निरवेरे ॥(9) जिन पुण्य-पाप नहिं कीना, आतम अनुभव चित दीना। तिन ही विधि आवत रोके, संवर लहि सुख अवलोके॥(10) निज काल पाय विधि झरना, तासौं निज-काज न सरना। तप करि जो कर्म खिपावै, सोई शिवसुख दरसावै ॥(11) किन हू न कर्यो न धरै को, षट्द्रव्यमयी न हरै को। सो लोकमाँहिं बिन समता, दु:ख सहै जीव नित भ्रमता॥(12) अन्तिम ग्रीवक लौं की हद, पायो अनन्त बिरियाँ पद। पर सम्यग्ज्ञान न लाधौ, दुर्लभ निज में मुनि साधौ ॥(13) जे भाव मोह तैं न्यारे, दृग ज्ञान व्रतादिक सारे। सो धर्म जबै जिय धारै, तब ही सुख अचल निहारै ॥(14) सो धर्म मुनिन करि धरिये, तिनकी करतूति उचरिये। ताको सुनिये भवि प्रानी, अपनी अनुभूति पिछानी॥(15) जैन दर्शन की बारह भावनाएँ (१२ भावना) आत्मा को वैराग्य, सम्यक्त्व और मोक्षमार्ग की ओर प्रेरित करने वाली गहन आध्यात्मिक चिंतन-धाराएँ हैं। इनके नाम इस प्रकार हैं— 1. अनित्य भावना – संसार की सभी वस्तुएँ नश्वर हैं। 2. अशरण भावना – संसार में कोई भी अंतिम शरण नहीं है। 3. संसार भावना – जन्म-मरण का अनादि चक्र दुःखमय है। 4. एकत्व भावना – आत्मा अकेली है, कर्म का फल स्वयं भोगती है। 5. अन्यत्व भावना – आत्मा शरीर आदि से भिन्न है। 6. अशुचि भावना – शरीर अशुद्ध और नश्वर है। 7. आस्रव भावना – कर्मों का प्रवाह आत्मा में कैसे आता है। 8. संवर भावना – कर्मों के प्रवाह को कैसे रोका जाए। 9. निर्जरा भावना – संचित कर्मों का क्षय कैसे हो। 10. लोकस्वभाव भावना – लोक का स्वभाव और उसकी व्यवस्था। 11. बोधिदुर्लभ भावना – सम्यक् दर्शन-ज्ञान-चारित्र दुर्लभ है। 12. धर्म भावना – सच्चा धर्म आत्मा का शुद्ध स्वभाव है। #TARAN PANTH #TARAN PANTH BHAJAN #JAIN BHAJAN #TARAN BHAJAN # वंदे श्री गुरु तारणम् हमारे चैनल का उद्देश्य धर्म प्रभावना का हैं आप भी हम से जुड़े और धर्म प्रभावना में सहयोगी बने आचार्य भगवन तारण तरण देव की जय हो वन्दे श्री गुरु तारणम् Live TARAN PANTH DESHANA' चैनल पर प्रसारित प्रवचन ,भजन, फूलना ,जयमाल ,कविता , नाटक , आदि सुनने के लिए Playlist के मध्यम से जरूर सुने । • पावन वर्षायोग 2021 बा ब्र आत्मानंद जी पावन वर्षायोग 2021 बा ब्र आत्मानंद जी महाराज • श्री चौदह ग्रंथादिराज जी बंचन बा ब्र आत्मा... चौदह ग्रंथादिराज वांचन बा ब्र आत्मानंद जी महाराज • मुंगवानी प्रवचन बा ब्र वैराग्य भैया जी मुंगवानी प्रवचन बा ब्र वैराग्य भैया • श्री चौबीस ढाणा जी बा ब्र प्रियंका श्री चौबीस ढाणा जी बा ब्र डॉ प्रियंका बहन जी • केवल मत बा ब्र सुषमा बहन जी केवल मत के ग्रंथो पर चर्चा बा ब्र सुषमा बहन जी • बड़गांव छद्मस्तवाणी जी वैराग्य भैया जी छद्मस्त वाणी जी बा ब्र वैराग्य भैया जी बड़गांव • बड़गांव श्रावकाचार जी वैराग्य भैया जी बड़गांव प्रवचन 2021 बा ब्र वैराग्य भैया श्रावकाचार से • चौरई प्रवचन ४९ दिवसीय पाठ तारण तरण श्री संघ 49 दिवसीय पाठ चौरई गोहिल्य परिवार • शुध्दात्म भवन सिलवानी बा ब्र धर्मेन्द्र भै... शुद्धात्म भवन सिलवानी बा ब्र धर्मेन्द्र भैया • फूलना बांचन फूलना जरूर सुनें • भजन संध्या 2021 भजन संध्या • श्री तारण तरण अध्यात्म ज्ञान गोष्ठी 2021 श्री तारण तरण अध्यात्म ज्ञान गोष्ठी सभी लिंक एक साथ #taranpanth #omnamahsiddhammantrraj #shriadhyatmvaniji #14granthrajji #shudhjindeshna #vanchna #bestbhajan #bestlivedeshna #bestlatestjainbhajan #bestsuperhitbhajan #vairagyabhajan #aadhyatmik bhajan #shuddhatmtatvarthsadhnabhavansilwani #taranpanth #shriadhyatmvaniji #14granthrajji #bestlivedeshna #bestlatestbhajan #bestfulnaji #bestsuperhitbhajan #vairagyabhajan #aadhyatmik bhajan #shuddhatmtatvarthsadhnabhavansilwani shuddhatm tatvarth sadhna bhavan silwani , dharmendra bhaiya ji, jinedra vani, all jain bhajan mix, bhakti bhajan mix, animation bhajan, video, hd quality, amantran, silwani, sansar, chetavani bhajan, 12bhavna , samayik path, tere hawale meri naiya tu jane tera kaam jane, samrpand, jainaagam, jinaagam, panth, jain stavan, diksha highlights, live jin deshna , shudhatm jin deshna live, jindeshna live , gurudev ke bhajan , , best jain