У нас вы можете посмотреть бесплатно सरथल माता मंदिर,जम्मू कश्मीर जे&के किश्तवाड़ भद्रवाह टूर भाग 6 ## पहाड़ों की गोद में बसा पवित्र धाम или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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स्थल मंदिर किश्तवाड़ जम्मू कश्मीर इसके बजाय इसे खोजें श्रथल मंदिर किश्तवार जम्मू कश्मीर इतिहास श्रथल मंदिर किश्तवार जम्मू कश्मीर इतिहास इन हिंदी किश्तवाड़, जम्मू और कश्मीर का एक प्रमुख जिला है, जिसके इतिहास में मुख्य रूप से मचैल माता और सारथल माता मंदिर जैसे प्रसिद्ध स्थल हैं. सारथल माता मंदिर, देवी अष्टादशभुजा को समर्पित है और पहाड़ियों में स्थित एक शांतिपूर्ण स्थान है. मचैल माता मंदिर, जो शक्ति पीठों में से एक है, दुर्गा माता के रूप में पूजी जाती हैं और मनोकामनाएं पूरी करने के लिए भक्तों का एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है. सरथल माता मंदिर यह मंदिर सरथल गांव के पास एक पहाड़ी पर स्थित है. इतिहास और महत्व:यह मंदिर देवी अष्टादशभुजा को समर्पित है और किश्तवाड़ के मंदिरों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, जो स्थानीय संस्कृति और इतिहास का प्रतीक है. मचैल माता मंदिर इतिहास और मान्यता: मचैल माता मंदिर को एक शक्ति पीठ माना जाता है, जहां मां चंडिका (दुर्गा) के रूप में पूजी जाती हैं. ऐसा माना जाता है कि मां भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं. वार्षिक तीर्थयात्रा: हर साल, एक पवित्र छड़ी (पवित्र गदा) के साथ एक वार्षिक तीर्थयात्रा का आयोजन किया जाता है. यह यात्रा भद्रवाह से शुरू होकर कई पड़ावों से गुजरती है और अंततः मचैल माता के पवित्र मंदिर तक पहुंचती है, जो लगभग 30 किलोमीटर की एक कठिन पहाड़ी यात्रा है. प्राकृतिक सौंदर्य: यह मंदिर हरे-भरे और जीवंत देवदार, ओक, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों से घिरी हुई पहाड़ियों के बीच स्थित है. किश्तवाड़ का इतिहास जिला निर्माण: किश्तवाड़ जिले को तत्कालीन डोडा जिले से वर्ष 2007-08 के दौरान अलग किया गया था, जब जुलाई 2006 में राज्य के मुख्यमंत्री जी. एन. आजाद ने इस नए जिले के निर्माण का ऐतिहासिक फैसला लिया था. महत्व: किश्तवाड़ जिला लेह और कारगिल जिलों के बाद जम्मू और कश्मीर के सबसे बड़े जिलों में से एक होने का गौरव रखता है. Machail Mata Mandir: पहाड़ों की गोद में बसा पवित्र धाम, जानें इसका इतिहास ... मचैल माता मंदिर को शक्ति पीठों में से एक माना जाता है. यहां विराजमान मां को चंडिका माता या दुर्गा माता के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि मां यहां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं. विशेष रूप से जो लोग संतान सुख की इच्छा रखमचैल माता यात्रा नुवादित — जम्मू में ही उनका उद्गम स्थल पक्का डंगा में महालक्ष्मी मंदिर और उसके बाद भद्रवाह है, जहां से हर साल अगस्त के महीने में उनकी छड़ी (पवित्र गदा) शुरू होती है। यह जम्मू से लगभग 306 किलोमीटर दूर (जम्मू-बटोटे) (120 किलोमीटर), बटोटे... इतिहास | जिला किश्तवाड़, जम्मू और कश्मीर सरकार | भारत अनुवादित — किश्तवाड़ जिले को तत्कालीन डोडा जिले से वर्ष 2007-08 के दौरान अलग किया गया था, जब राज्य के मुख्यमंत्री जी. एन. आजाद ने जुलाई 2006 में नए जिले के निर्माण का ऐतिहासिक फैसला लिया था। इसे राज्य के सबसे बड़े जिलों में से एक होने का अनू... किश्तवाड़ , जम्मू और कश्मीर में शीर्ष मंदिर - यात्राधाम अनुवादित — हिमालय की तलहटी के बीच स्थित, किश्तवाड़ के मंदिर पूजा स्थल और स्थानीय संस्कृति, इतिहास और मान्यताओं के प्रतीक हैं। देवी अष्टादशभुजा को समर्पित सरथल माता मंदिर एक और पवित्र स्थान है। सारथल गांव के पास एक पहाड़ी पर स्थित, यह मंदिर शां... ‧चांदली, जम्मू और कश्मीर में मंदिर‧खुला लोग यह भी जानना चाहते हैं किश्तवाड़ का इतिहास क्या है? मचैल माता का इतिहास क्या है? जम्मू कश्मीर में कौन-कौन से प्रसिद्ध मंदिर हैं? जम्मू और कश्मीर में कौन-कौन से धार्मिक स्थल हैं? कहां है मचैल माता मंदिर, बादल फटने से अब तक 46 लोगों की मौत; क्या है इस यात्रा का ... मचैल माता देवी दुर्गा का एक मंदिर है, जिसे मचैल माता के नाम से भी जाना जाता है। यह धार्मिक स्थल जम्मू के किश्तवाड़ जिले के मचैल गांव में मौजूद है। गौरतलब है कि यहां मौजूद देवी दुर्गा को काली या चंडी के नाम से भी जाना . किश्तवाड़ का ऐतिहासिक सरकूट मंदिर ; सुरिंदर सागर लाए हैं... मचैल माता मंदिर में बादल फटने से तबाही, जानिए उस किश्तवाड़ की कहानी जो इसे ... किश्तवाड़ का सबसे बड़ा आध्यात्मिक केंद्र मचैल माता मंदिर है. यह मंदिर माता दुर्गा को समर्पित है और यह एक अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है. हर साल, हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए यहां आते हैं इतिहास | जिला किश्तवाड़, जम्मू और कश्मीर सरकार | भारत 9,500 फीट की ऊँचाई पर भी बस्तियाँ पाई जाती हैं। किश्तवाड़ छिपे हुए आकर्षण, अद्भुत स्थलों और स्थलों, स्वास्थ्य रिसॉर्ट्स, पर्यटन स्थलों, प्रसिद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों, पवित्र तीर्थस्थलों और स्मारकों से भरा हुआ है ... अनुपलब्ध: मंदिर | इसके साथ खोजें: मंदिर कौन हैं मचैल चंडी माता, जम्मू में जहां फटा बादल; जानिए क्या है इस मंदिर का ... मचैल चंडी माता मंदिर एक प्राचीन तीर्थस्थल है। यहां का इतिहास सालों पुराना है। 14 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पाडर क्षेत्र में स्थित मचैल चंडी माता मंदिर मार्ग पर बादल फटने से अचानक तबाही का मंज ... केसर घाटी, सिंथन टॉप और मचैल माता मंदिर... किसी जन्नत से कम नहीं ... यहां मचैल माता का मंदिर भी है, जहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. यह मंदिर किश्तवाड़ जिले में पद्दार घाटी में स्थित है, जो कि बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरा हुआ है. किश्तवाड़ आपदाजम्मू कश्मीर क्या है जम्मू-कश्मीर की मचैल यात्रा का धार्मिक महत्व जहां आज बादल फटने से ... मचैल माता मंदिर देवी दुर्गा का मंदिर है जो जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ जिले के मचैल गांव में स्थित है। इस मंदिर का नाम भी इसी गांव के नाम पर रखा गया है। इस मंदिर के आस-पास ऊंचे पहाड़, ग्लेशियर, चेनाब नदी की स ... जानिए क्या है किश्तवाड़ की मचैल माता मंदिर की यात्रा, जहां कुदरत ने मचाई है ...