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जर्मनी और फ्रांस लड़ रहे थे, तभी भारत ने जो किया दुनिया है हैरान क्लाउड वॉर में भारत । भारत की वायु शक्ति को लेकर चल रही बहस के बीच एक बड़ा संकेत सामने आया है। Dassault Aviation और फ्रांसीसी रक्षा तंत्र से जुड़े हलकों में यह चर्चा तेज है कि Future Combat Air System (FCAS) में भारत की संभावित एंट्री पर प्रारंभिक बातचीत शुरू हो चुकी है। यह वही छठी पीढ़ी का कॉम्बैट इकोसिस्टम है जिसमें अभी France, Germany और Spain शामिल हैं। मुद्दा केवल नए फाइटर जेट का नहीं है, बल्कि क्लाउड नेटवर्क वॉरफेयर सिस्टम का है — एक ऐसा ढांचा जहां भविष्य के युद्ध में समुद्र, जमीन, आसमान और अंतरिक्ष से जुड़े सभी प्लेटफॉर्म, मानवयुक्त और मानव रहित सिस्टम, एक साझा डिजिटल नेटवर्क से संचालित होंगे। FCAS इसी अवधारणा पर आधारित है, जहां “नेक्स्ट जेनरेशन फाइटर” केवल एक विमान नहीं, बल्कि एक नेटवर्क-केंद्रित युद्ध प्रणाली का हिस्सा होगा। जर्मनी–फ्रांस मतभेद और भारत का अवसर FCAS के भीतर डिजाइन, नेतृत्व और औद्योगिक नियंत्रण को लेकर पेरिस और बर्लिन के बीच मतभेद की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। फ्रांस का जोर अधिक नियंत्रण और डिजाइन लीड पर है, जबकि जर्मनी साझेदारी के संतुलन की बात करता है। ऐसे परिदृश्य में यदि फ्रांस भारत को एक स्वतंत्र भागीदार के रूप में जोड़ता है, तो यह भारत के लिए केवल खरीद नहीं, बल्कि तकनीकी सह-भागीदारी का अवसर हो सकता है। स्क्वाड्रन गैप और बहु-स्तरीय रणनीति वर्तमान में भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन संख्या घोषित आवश्यकता से कम मानी जाती है। भविष्य की जरूरत 50–55 स्क्वाड्रन तक आंकी जा रही है। इस संदर्भ में भारत ने 114 अतिरिक्त Dassault Rafale लड़ाकू विमानों की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई है, ताकि मध्यम अवधि में संख्या और क्षमता दोनों का संतुलन बने। साथ ही, स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के कार्यक्रम HAL AMCA के प्रोटोटाइप के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये की स्वीकृति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दिखाती है। लेकिन केवल AMCA से पूरा गैप भरना कठिन होगा, इसलिए भारत बहु-ट्रैक रणनीति पर चल रहा है। पांचवीं पीढ़ी का अंतराल और रूसी विकल्प इस बीच रूस के Sukhoi Su-57 को लेकर भी चर्चा जारी है, ताकि पांचवीं पीढ़ी के प्लेटफॉर्म का अंतराल भरा जा सके। यदि भारत समानांतर रूप से फ्रांस के FCAS ढांचे में प्रवेश करता है, तो वह पांचवीं और छठी पीढ़ी दोनों में संतुलित प्रगति कर सकता है।