У нас вы можете посмотреть бесплатно भगवद् गीता अध्याय 1 | श्लोक 1–3 का गूढ़ अर्थ | अर्जुन विषाद योग | जीवन का आरम्भ или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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इस वीडियो में हम भगवद् गीता के प्रथम अध्याय “अर्जुन विषाद योग” के श्लोक क्रमांक 1, 2 और 3 को शास्त्र के शुद्ध भाव में समझते हैं। गीता का आरम्भ उपदेश से नहीं होता, बल्कि प्रश्न से होता है। धृतराष्ट्र का प्रश्न, संजय की दृष्टि, और दुर्योधन की वाणी — ये तीनों श्लोक मनुष्य के भीतर चल रहे संघर्ष, भय और अहंकार को प्रकट करते हैं। इस वीडियो में प्रत्येक श्लोक पहले जैसा गीता में कहा गया है, फिर उसका सामान्य अर्थ, और उसके बाद उसका गूढ़, जीवन से जुड़ा अर्थ शांत और गम्भीर भाव में प्रस्तुत किया गया है। यह वीडियो उन सभी के लिए है जो गीता को केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को समझने की दृष्टि बनाना चाहते हैं। 📌 हम हर तीन श्लोक के बाद एक YouTube Long Video लाते हैं जिसमें उन श्लोकों का गहन और संयुक्त संदेश छिपा होता है। यदि आप जीवन को गीता के साथ समझना चाहते हैं, तो इस चैनल को Subscribe करें। क्योंकि — गीता युद्ध नहीं सिखाती, वह मनुष्य को स्वयं से मिलाती है। 🙏 #BhagavadGita #ArjunVishadYog #GitaGyaan #ShreemadBhagavadGita #SpiritualWisdom #IndianPhilosophy #LifeLessonsFromGita