У нас вы можете посмотреть бесплатно आज बुधवार के दिन सुनें | ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र | Rin Harta Ganesh Stotra 🌺 कर्ज से मुक्ति वाला मंत्र или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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बुधवार विशेष: ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र - कर्ज से मुक्ति पाने का अचूक उपाय नमस्ते भक्तों! आज के इस पावन बुधवार के दिन, हम आपके लिए लेकर आए हैं भगवान गणेश का अत्यंत चमत्कारी "ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र"। शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति बुधवार के दिन श्रद्धापूर्वक इस स्तोत्र का श्रवण या पाठ करता है, उसकी आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और उसे भारी से भारी कर्ज (Debt) से मुक्ति मिलती है। इस वीडियो में: ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र (शुद्ध उच्चारण के साथ) कर्ज मुक्ति के लिए विशेष प्रार्थना गणेश जी की कृपा पाने के सरल उपाय How to Listen: शुभ फल की प्राप्ति के लिए इस स्तोत्र को शांत मन से पूरा सुनें और कमेंट में "गणपति बाप्पा मोरया" जरूर लिखें। Topics Covered in this Video: Rin harta ganesh stotra, Rinharta ganesh stotra, Rinmochan ganesh stotra, Ganesh bhajan, Budhwar special bhajan, Debt relief mantra, Karj mukti ke upay, Lord Ganesha stotra, Ganesha mantra for wealth, Rin harta ganesh stotra lyrics, बुधवार गणेश भजन, ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र, कर्ज मुक्ति मंत्र, गणपति भजन, budhwar bhakti, Wednesday mantra, ganesh, ganesha, lord ganesha, lord ganesh, Rin harta ganesh stotra with lyrics, shri ganesha, #GaneshStotra #RinhartaGaneshStotra #KarjMuktiMantra #BudhwarSpecial #GaneshaBhajan #FinancialFreedom #LordGanesha #SpiritualHealing #Devotional #GanpatiBappaMorya #wednesday #wednesdaysong #budhwarspecial #trending #chantinguniverse #hindumantra Lyrics: || अथ श्री ऋणहर्ता गणेश स्तोत्रम् || ध्यानं ॐ सिन्दूर-वर्णं द्वि-भुजं गणेशं लम्बोदरं पद्म-दले निविष्टम् । ब्रह्मादि - देवैः परि-सेव्यमानं सिद्धैर्युतं तं प्रणमामि देवम् ॥ इति ध्यानं सृष्ट्यादौ ब्रह्मणा सम्यक् पूजित: फल- सिद्धए । सदैव पार्वती - पुत्रः ऋणनाशं करोतु मे ॥ त्रिपुरस्य वधात् पूर्वं शम्भुना सम्यगर्चितः । सदैव पार्वती - पुत्रः ऋणनाशं करोतु मे ॥ हिरण्य कश्यप्वादीनां वधार्थे विष्णुनार्चितः। सदैव पार्वती - पुत्रः ऋणनाशं करोतु मे ॥ महिषस्य वधे देव्या गण - नाथः प्रपूजितः । सदैव पार्वती - पुत्रः ऋणनाशं करोतु मे ॥ तारकस्य वधात् पूर्वं कुमारेण प्रपूजितः । सदैव पार्वती - पुत्रः ऋणनाशं करोतु मे ॥ भास्करेण गणेशो हि पूजितश्छवि- सिद्धए । सदैव पार्वती - पुत्रः ऋणनाशं करोतु मे ॥ शशिना कान्ति-वृद्धयर्थं पूजितो गण-नायकः । सदैव पार्वती - पुत्रः ऋणनाशं करोतु मे ॥ पालनाय च तपसां विश्वामित्रेण पूजितः । सदैव पार्वती-पुत्रः ऋण - नाशं करोतु मे ॥ इदं ऋण - हर - स्तोत्रं तीव्र - दारिद्र्य - नाशनं, एक-वारं पठेन्नित्यं वर्षमेकं समाहितः । दारिद्र्यं दारुणं त्यक्त्वा कुबेर - समतां व्रजेत् ॥ || श्री ऋणहर्ता गणेश स्तोत्रम् संपूर्णम् || ११ पाठ