У нас вы можете посмотреть бесплатно अनु के लिए यह पल अग्निपरीक्षा से कम नहीं था भारी डबडबाई आंखों के साथ आर्या को शादी का कार्ड थमा दी или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
अनु के लिए यह पल अग्निपरीक्षा से कम नहीं था भारी डबडबाई आंखों के साथ आर्या को शादी का कार्ड थमा दी सीरियल तुमसे तुम तक की कहानी अब अपने सबसे बड़े और रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है जहां रिश्तों का इम्तिहान और जज्बातों का टकराव चरम पर है। झेंडे जो कि आर्या का सबसे वफादार दोस्त है वह अब अनु के व्यवहार से पूरी तरह टूट चुका है और गुस्से में है। उसे यह बर्दाश्त नहीं हो रहा कि अनु अपनी भावनाओं को कुचलकर लगातार आर्या को मानसिक चोट पहुंचा रही है। झेंडे ने अपने मन में यह अटूट फैसला कर लिया है कि वह आर्या के साथ हो रहे इस अन्याय को चुपचाप नहीं देखेगा और इस शादी को रोकने के लिए किसी भी हद तक जाएगा। कहानी में नया मोड़ तब आता है जब डॉक्टर मोहित अनजाने में अनु को आर्या के ऑफिस ले जाते हैं। मोहित को लगता है कि आर्या और अनु के बीच एक गुरु और शिष्या जैसा गहरा सम्मान का रिश्ता है इसलिए वह चाहते हैं कि अनु अपने हाथों से आर्या को शादी का पहला कार्ड दे। अनु के लिए यह पल किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता लेकिन डॉक्टर मोहित के बार-बार कहने पर वह बेहद भारी मन और डबडबाई आंखों के साथ आर्या को अपनी शादी का कार्ड थमा देती है। आर्या उस कार्ड को पकड़ते समय अंदर से पूरी तरह बिखर जाता है पर वह अपने चेहरे पर एक झूठी मुस्कान ओढ़ लेता है ताकि किसी को उसकी तकलीफ का अंदाजा न हो। जब झेंडे को इस बात की खबर लगती है कि अनु खुद अपनी शादी का कार्ड आर्या को देकर आई है तो उसका क्रोध ज्वालामुखी की तरह फट पड़ता है। उसे लगता है कि अनु ने आर्या के आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचाई है। दूसरी ओर सिमरन लगातार अनु के अंतर्मन को झकझोरने की कोशिश करती है। वह अनु से कहती है कि अगर उसने आज सच नहीं बोला तो वह अपनी पूरी जिंदगी एक ऐसे इंसान के साथ बिताएगी जिससे वह प्यार नहीं करती और आर्या भी घुट-घुट कर मर जाएगा। सिमरन उसे सलाह देती है कि वह डॉक्टर मोहित को अपनी और आर्या की मोहब्बत की पूरी दास्तां सुना दे क्योंकि मोहित एक नेक इंसान हैं और वह शायद इस मजबूरी को समझ जाएं। अनु एक पल के लिए सच बोलने का साहस जुटाती है लेकिन आर्या उसे बीच में ही रोक देता है। आर्या अपने प्यार की कुर्बानी देने के लिए तैयार है और वह अनु पर दबाव डालता है कि वह अपने परिवार की खुशियों के लिए डॉक्टर मोहित से ही शादी करे और इस राज को हमेशा के लिए दफन कर दे। आखिरकार वह दिन भी आ जाता है जिसका सबको डर था यानी शादी का दिन। मंडप सजा है और मेहमानों की भीड़ लगी है। आर्या भी वहां एक पत्थर की मूरत बनकर खड़ा है और अपनी मोहब्बत को किसी और का होते देख रहा है। अनु भी खामोश आंसू पीते हुए शादी की हर रस्म को एक रोबोट की तरह निभा रही है। जैसे ही पंडित जी फेरों के लिए गठबंधन करते हैं और शादी की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में होती है तभी झेंडे अपना आखिरी दांव खेलता है। वह वहां लगी बड़ी स्क्रीन पर एक ऐसा वीडियो प्ले कर देता है जिसमें अनु और आर्या के बीच के प्रेम और उनकी तड़प को साफ देखा जा सकता है। उस वीडियो के चलते ही पूरे मंडप में सन्नाटा पसर जाता है और फिर शोर मचने लगता है। लोग अनु के चरित्र पर सवाल उठाने लगते हैं और उसे कोसने लगते हैं। लेकिन डॉक्टर मोहित जो एक समझदार इंसान हैं वह अनु की आंखों में छिपे दर्द और उसकी मजबूरी को भांप लेते हैं। उन्हें एहसास होता है कि अनु बेवफा नहीं है बल्कि वह अपने परिवार के सम्मान की खातिर इतनी बड़ी कुर्बानी दे रही थी। मोहित तुरंत गठबंधन खोल देते हैं और शादी से साफ इनकार कर देते हैं। वह अनु का हाथ पकड़कर उसे आर्या के पास ले जाते हैं और कहते हैं कि सच्चा प्यार बलिदान नहीं बल्कि साथ निभाने का नाम है। माहौल को देखते हुए अंत में पुष्पा भी अपनी जिद छोड़ देती है और सबके सामने यह कबूल कर लेती है कि अनु और आर्या का प्यार सच्चा है और उन्हें एक हो जाना चाहिए।