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We have bought another rap song for all of you – Kalyug Ka PURUSH Hindi Rap Song | MUSICFLOWS | with guaranteed goosebumps and an AI-based video to take you back to the old era of fearless and strong women to remind you about your roots and how they were and what you became. And don't forget to share and subscribe to our channel and keep giving suggestions and the songs you want in the comments. Credits -: Rap and Lyrics by - MUSICFLOWS Follow me on instagram: instagram.com/movieflowstudio Follow me on Facebook: Facebook.com/share/v/1YJiXf8R1G Hook composition- AVIRAL Lyrics - Hook - सुनो कहानी साथ मेरे तुम इस कलयुग के लड़के की दिखावे की इस दुनिया में पहचान बस दिखावे की झूठी शान में उलझा लड़का असलियत से दूर गया आधुनिक सोच के नाम पर ज़िम्मेदारी भूल गया हे कलयुग के लड़के तुम कैसे इतना बदल गए कैसे इतना बदल गए x2 क्या हो रहा है आस-पास और कैसी सोच तुम्हारी है हाथों में फ़ोन और जेब में झूठी अकड़ भरी है आधुनिक बनने की दौड़ में मर्यादा को छोड़ा है पर असल में ये दौड़ ही लड़के की कमज़ोरी है कई बार होता है प्रेम फिर कई बार वो तोड़ता है भावनाओं से खेल के लड़का ख़ुद को बड़ा बताता है कुछ लड़के है जो आजकल झूठी शान दिखाते है लोकप्रिय बनने के चक्कर में रिश्ते कुचल जाते है अब ऐसा लड़का होता है जो वचनों को तोड़ता है पढ़ने कम और बहाने ज़्यादा घरवालों से जोड़ता है कर्तव्यों को जो भूल के बैठा गलत राहों पर जाता है कम उम्र में ही लड़का नशे से यारी लगाता है संबंध बनाता कई बार संस्कारों से दूर गया जो गहना होता पुरुष का वो ज़िम्मेदारी भूल गया भूल गया वो मर्यादा जो एक पुरुष में होती है माता-पिता को दुख देके झूठी शान में रोता है ना समझे रिश्तों की क़ीमत ना नज़र सम्मान पर नज़र टिकी रहती बस जिस्म और दिखावे पर किसका मन से प्रेम है और किसका बस स्वार्थ है कौन निभाता रिश्ते और कौन बस किरदार है सही ग़लत की रेखा अब लड़के को दिखती नहीं जैसे पहले होते थे वैसे अब सोच लिखती नहीं नशे में डूबे रहने वाले अड्डों में ही जीते है दिखावे की इस दुनिया में दिखावे में ही जीते है संस्कृति से कोई वास्ता नहीं ऐसा सोचते लड़के गर्व करते ये कहकर हम बंधन तोड़ के चलते क्यों बदल गया ये वक़्त कैसे बदल गये लोग मोटी हुई अकड़ या फिर पतली हो गई सोच नये जमाने का बेटा देता घर पर ध्यान नहीं संस्कारों की बात चले तो कहता ये ज्ञान नहीं ये ऐसा लड़का है जिसको परिवार की फ़िक्र नहीं अरे कैसा पुरुष है जिसमें पुरुषत्व की ज़िद नहीं हाँ पुरुष तो वो जो होता था जो वचन पर मर जाए अपने कुल के मान ख़ातिर जो हर सुख ठुकराए नमन मेरा उन वीरों को जो इतिहास बन गए जो युद्ध में भी धर्म से कभी नहीं डिगे वो उतरे जब रणभूमि तो अन्याय काँप जाता था न्याय के पथ पर चलना ही पुरुषत्व कहलाता था के प्राण भले ही चले जाए पर वचन ना टूटे कभी मेरी ज़ुबान का मान रहे ये शपथ ना छूटे कभी वो रघुकुल की रीति थी जो राम ने निभाई राजपाठ छोड़ वन चले पर मर्यादा ना गँवाई वो अर्जुन था जिसने धर्म को शस्त्र से जोड़ा और एक आज का लड़का जो धर्म से ही मुँह मोड़ा हे कलयुग के लड़के तुम अस्तित्व कैसे भूल गए पुरखों की मर्यादा से तुम कैसे इतना दूर गए क्यों भूल गए वो संस्कार जिसमें बल में संयम हो क्यों भूल गए वो शौर्य जिसमें नारी का सम्मान हो हे मेरे भाइयो सुनो तुम संस्कृति के संग चलो ख़ुद को पहचानो और शिवाजी सा मन बल लो अरे वो भी पुरुष ही था जिसने स्वराज्य रचा वो भी पुरुष था जिसने अन्याय से कभी ना बचा वो तानाजी जिसने हँसते हँसते शीश चढ़ाया वो पन्ना सा पुरुष जिसने धर्म निभाया क्यों लगे हो नशे में तुम क्यों खोखला अभिमान रखो यदि प्रेम करना चाहो तो विश्वास का सम्मान रखो कर्म यदि करना चाहो तो भीष्म सा धैर्य करो जो टूटे नहीं विपत्ति में ऐसा चरित्र धरो हे पुरुष बदलो ख़ुद को तुम मर्यादा का मान रखो समाज तुम्हारे कंधों पर है ये पहचान रखो साहस का स्वरूप हो तुम पर संयम भी धारण हो रक्षक कहलाने वाले तुम ही परिवार की ढाल हो मेरी मंशा अंतिम बात से कुछ सीख तुम्हें देने की नतमस्तक है याचना ज़रा सोचो इसे जीने की हर नारी को वस्तु समझना वीरता नहीं होती सम्मान बिना शक्ति की कोई क़ीमत नहीं होती अरे गया त्रेता जब राम मर्यादा बन जाते थे ये कलयुग है भाइयो यहाँ कर्म से पुरुष पहचाने जाते है Kalyug ka Purush made with love ❤️ by Team #kalyug #lucke #kalki #kali #kalyugkapurush #musicflows