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lyrics or composer = arvindsuthar #arvindsthr “धोरा री धरती – जैसलमेर” केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की उस पावन माटी को नमन है, जहाँ रेत का हर कण शौर्य, त्याग और स्वाभिमान की कहानी कहता है। यह सॉन्ग जैसलमेर की पहचान, उसकी संस्कृति, उसके वीर और उसकी आत्मा को देसी मारवाड़ी अंदाज़ में प्रस्तुत करता है। जैसलमेर, जिसे “गोल्डन सिटी” के नाम से जाना जाता है, वह धरती है जहाँ सूरज की किरणें रेत पर पड़ते ही सोना बन जाती हैं और हर धोरा इतिहास की गूंज सुनाता है। इस गीत में उसी धोरा री धरती का गौरव, उसका गर्व और उसका अभिमान शब्दों और सुरों के माध्यम से जीवंत किया गया है। यह सॉन्ग उन लोगों के लिए है जो अपनी माटी से प्रेम करते हैं, जो राजस्थान की रग-रग में बहते स्वाभिमान को महसूस करते हैं और जो यह मानते हैं कि देश की असली ताकत उसकी सीमाओं पर खड़े वीरों और उसकी संस्कृति में बसती है। 🌞 जैसलमेर – वीरों की धरती इस गीत में जैसलमेर के पीले किले, अनंत रेत के धोरे, ऊँटों की चाल, लोक जीवन की सादगी और सीमा पर तैनात सैनिकों की वीरता को भावनात्मक रूप से पिरोया गया है। यह बताया गया है कि कैसे यहाँ का जीवन कठिन होते हुए भी मजबूत है। तेज धूप, ठंडी रातें और रेगिस्तान की आंधियाँ — सब मिलकर यहाँ के लोगों को फौलाद बनाती हैं। 🐪 देसी जीवन और लोक संस्कृति “धोरा री धरती” गीत में मारवाड़ी शब्दों का प्रयोग करके उस देसीपन को जीवित रखा गया है, जो आज के समय में धीरे-धीरे खोता जा रहा है। ऊँट, पगड़ी, केसरिया रंग, बाजरे की रोटी, छाछ, सादा जीवन और ऊँचे विचार — यह सब इस सॉन्ग की आत्मा हैं। यह गीत दिखाता है कि जैसलमेर के लोग कम बोलते हैं, लेकिन जब बोलते हैं तो इतिहास बदल देते हैं। यहाँ का हर व्यक्ति अपने देश, अपनी माटी और अपने मान-सम्मान के लिए जीता है। 🇮🇳 देशभक्ति और सीमा की शान इस गीत में देशभक्ति को नारेबाज़ी के रूप में नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी और गर्व के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जैसलमेर की धरती भारत की सीमाओं की प्रहरी है। यहाँ का हर धोरा, हर रेत का कण देश की रक्षा का संकल्प लिए खड़ा है। गीत में यह भाव उभरकर आता है कि दुश्मन चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, इस माटी के बेटों की हिम्मत के आगे वह टिक नहीं सकता। यह सॉन्ग हमारे जवानों को, उनके बलिदान को और उनकी जागती आँखों को नमन करता है। 🔥 भावनाओं से भरा हुआ गीत “धोरा री धरती – जैसलमेर” सुनते समय श्रोता को गर्व, भावुकता और जोश — तीनों का अनुभव होता है। यह गीत दिल से जुड़ता है, क्योंकि इसमें बनावट नहीं बल्कि सच्चाई है। यह सॉन्ग उन लोगों के लिए है जो राजस्थान को सिर्फ जगह नहीं, बल्कि पहचान मानते हैं। 🎶 क्यों सुनें यह सॉन्ग? ✔️ अगर आप देसी और मारवाड़ी संगीत पसंद करते हैं ✔️ अगर आपको राजस्थान की संस्कृति से प्रेम है ✔️ अगर आप देशभक्ति को दिल से महसूस करना चाहते हैं ✔️ अगर आप कुछ अलग, सच्चा और जमीन से जुड़ा हुआ सुनना चाहते हैं तो यह गीत आपके लिए ही है। ❤️ हमारी आपसे अपील अगर आपको यह सॉन्ग पसंद आए तो 👉 Like करें 👉 Share करें 👉 Comment में “जय जैसलमेर” या “जय राजस्थान” लिखें 👉 Channel को Subscribe ज़रूर करें आपका एक Like हमारे लिए बहुत बड़ी ताकत है और हमें ऐसे ही देसी, मौलिक और गर्व से भरे गीत लाने की प्रेरणा देता है। 🌵 अंतिम शब्द “धोरा री धरती – जैसलमेर” एक गीत नहीं, एक एहसास है। यह उस रेत की खुशबू है जिसमें इतिहास बसा है, यह उस सूरज की तपिश है जिसमें स्वाभिमान जलता है, और यह उस माटी की कसम है जिसे हर जनम निभाया जाता है। जय जय राजस्थान 🙏 जय जय भारत 🇮🇳