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मसूरी मे छिपी हुई 3 रहस्यम जगह | Mussoorie : 3 Secret places | Hidden & offbeat places of mussoorie | आश्रम “हिमालय की गोद” मसूरी के बेहद शांत और प्राकृतिक क्षेत्र में स्थित है। इसका पूरा नाम है – आश्रम हिमालय की गोद, भरमेश्वर महादेव पंचमुखी शिवलिंग, और इसे आधार सेवा मंडल नामक संस्था संचालित करती है। यह आश्रम मुख्य मसूरी से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर है, और वहाँ तक पहुँचने के लिए एक संकरा मार्ग या छोटा ट्रेक किया जाता है। बोर्ड में स्पष्ट दिशा संकेत दिए गए हैं, और यह “SIDH LRC” नामक किसी भवन या संस्था के पास से रास्ता जाता है। इस आश्रम की विशेषता है यहाँ स्थापित पंचमुखी शिवलिंग, जो शिव के पाँच रूपों का प्रतीक है और दुर्लभ माना जाता है। यहाँ नियमित रूप से हवन, पूजा, और ध्यान-साधना जैसे वैदिक अनुष्ठान होते हैं। यह आश्रम किसी पर्यटन स्थल जैसा नहीं है, बल्कि यह एक शांत, एकांत, और साधना के लिए उपयुक्त स्थान है जहाँ आपको मोबाइल नेटवर्क भी कम मिलेगा, शोर-शराबा नहीं होगा, और न ही कोई व्यवसायिक गतिविधियाँ। आश्रम में रुकने की कुछ सीमित व्यवस्थाएँ हो सकती हैं, लेकिन यह पहले से संस्था से संपर्क करके ही जाना बेहतर रहेगा। रास्ता पूरी तरह पहाड़ियों और हरियाली के बीच से जाता है, जो खुद में ही एक ध्यान का अनुभव देता है। यह स्थान विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो भीड़ से दूर, प्रकृति के बीच, मौन में रहकर शिव साधना या आत्म-खोज करना चाहते हैं। Nag Devta Temple यह Nag Devta Temple, जिसे अक्सर ‘Hathi Paon Nag Devta Mandir’ कहा जाता है, मसूरी से लगभग 6 किलोमीटर दूर, Cart Mackenzie Road पर स्थित है — यह मार्ग Dehradun की ओर जाता है और रास्ते में Hathi Paav क्षेत्र से होकर गुजरता है । मंदिर मुख्य रूप से Naag देवता को समर्पित है, जिन्हें स्थानीय समुदाय नाग देवता के रूप में पूजता है। यह शिव का एक रूप भी माना जाता है और स्थानीय लोग मानते हैं कि यह मंदिर लगभग 500 साल पुराना है  । मंदिर का स्थापत्य बहुत सरल व पारंपरिक है लेकिन इसकी प्रमुख विशेषता यहाँ से देखने वाला दून घाटी और मसूरी का विहंगम दृश्य है। मंदिर नज़रिए से बहुत शांत और गर्म जोशी से भरा हुआ अनुभव देता है और दर्पण की तरह आसपास की पहाड़ियों को दर्शाता है  । यहाँ नाग पंचमी त्योहार के अवसर पर विशेष महत्व होता है। उस दिन श्रद्धालु नाग देवता को दूध से अभिषेक करते हैं और मंदिर में ‘ढोल-नगाड़ों’ के साथ शोभायात्रा और कथा का आयोजन होता है। इस अवसर पर बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं । मंदिर सुबह 6 बजे से शाम 5‑8 बजे तक खुला रहता है, और इसमें प्रवेश शुल्क नहीं है। एक आम विजिट में लगभग एक घंटे समय लगता है, जो पारिवारिक या तीर्थयात्रियों के लिए पर्याप्त होता है   । ये स्थल शुरू से प्रयास से हाती पाव क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और सड़क मार्ग पर पूरी तरह संचालित है — ट्रेकिंग की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अगर आप पास के हाइक-पैक मार्ग चाहते हों तो स्थानीय ट्रेकिंग ऑप्शन्स भी हैं। यहाँ की शांति, आस्था और सौंदर्य एक साथ मिलती है, जिससे यह धार्मिक और प्राकृतिक दोनों दृष्टिकोणों से महत्व रखता है  । संक्षेप में, अगर आप मसूरी में एक शांत, आध्यात्मिक और दृश्यात्मक रूप से खूबसूरत मंदिर देखना चाहें तो Hathi Paon Naag Devta Temple आपके लिए बहुत अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। @Parvatpardesh7