У нас вы можете посмотреть бесплатно Daily Bread | ईश्वरीय भेदों का प्रकाश |Mar(मार्च)16| परमेश्वर के दास भाई बख्तसिंग के दैनिक सन्देश! или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
Daily Bread | ईश्वरीय भेदों का प्रकाश |Mar(मार्च)16| परमेश्वर के दास भाई बख्तसिंग के दैनिक सन्देश! ********************************************************************* ईश्वरीय भेदों का प्रकाश परमेश्वर के दास भाई बख्तसिंग के द्वारा लिखित और प्रकाशित की गई पुस्तक में से मार्च 16/Mar 16 “अब से मैं तुम्हें दास न कहूँगा;... परन्तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं।" (यूहन्ना 15:15) परमेश्वर के वचन में तीन अलग अलग स्थानों में अब्राहम को परमेश्वर का मित्र कहा गया है। (यशायाह 41: 8, 2 इतिहास 20: 7, याकूब 2:23) प्रभु यीशु ने अपने चेलों को मित्र कहा। प्रभु चाहता है कि हम उसके हृदय की गूढ़ और गुप्त बातों को जानें। क्योंकि हृदय की गुप्त बातों को आपस में बाँटने के द्वारा मित्रता हमेशा ज्यादा गहरी बनती है। उत्पत्ति 18:17 के अनुसार सदोम और अमोरा को नाश करने के पूर्व परमेश्वर कहता है, ‘यह जो मैं करता हूँ सो क्या अब्राहम से छिपा रखूँ?’ परमेश्वर चाहता है कि हम उसके ऐसे मित्र बनें, कि जैसे जैसे हम उसकी स्वर्गीय योजना के अधीन आते जायें, वैसे वैसे उसके गूढ़ भेद और मर्म (रहस्य) वह हमारे समक्ष प्रगट कर सके। 1 पतरस 1:12 में हम पढ़ते हैं कि कितनी ही बातों को स्वर्गदूत भी ध्यान से देखने की लालसा रखते हैं। यह बातें कौन सी हैं? ये तो ऐसे भेद और मर्म हैं, जो स्वर्गदूतों, परमेश्वर के उपदेशकों और महान व्यक्तियों से गुप्त हैं, परन्तु हम जो प्रभु यीशु के मित्र बने हैं उनके समक्ष इन्हें प्रगट किया गया है। जिस रीति से दो घनिष्ठ मित्र एक दूसरे के साथ हृदय की गूढ़ बातों को बाँटते हैं, इसी रीति से हम प्रभु यीशु के मित्र बनकर उसके हृदय की बातों को जानें, ऐसा वह चाहता है। परन्तु इसे संभाव बनाने के लिये हमें उसके साथ खुलकर बातें करना और वैसे ही प्रतिदिन स्पष्ट रीति से उसकी वाणी सुनने का आदी होना ही चाहिये। पग पग पर हमारे जीवन में उसके द्वारा चलाये चलना चाहिये। यदि रोज ब रोज हमारा एकान्त (शान्त) समय हम प्रार्थना सहित बितायेंगे तो प्रभु यीशु हमारे साथ उसके वचनों के द्वारा हमसे बात करेंगे और ज्ञानियों और बुद्धिमानों से जो गुप्त रखी गई हैं, उन बातों को हमारे समक्ष खोलेंगे (मत्ती 13:17) परन्तु उसकी मित्रता प्राप्त करने के लिये हमें सच्चे हृदय से उसकी ओर मुड़ना चाहिये। वरन् प्रभु यीशु मसीह के सच्चे मित्र बनने के लिये हमारी तमाम पुरानी मित्रता से, पुराने सम्बन्धो और पुरानी संगति से छूटकर हम नई मित्रता में आयें, यह मुख्य बात है। प्रभु की सामर्थी भुझाओं ने हमें इस संसार से, सांसारिक सगे-सम्बन्धियों और मित्रों से, जो परमेश्वर के साथ मित्रता को भोग नहीं सकते, उन से अलग कर दिया है। (यूहन्ना 15:19) जैसे जैसे हम आत्मिक रीति से वृद्धि पाते जायेंगे, वैसे वैसे हम प्रभु यीशु मसीह के साथ गहरी मित्रता को अनुभव करते जायेंगे। उसके साथ खुलकर बातें करेंगे, अपनी सारी गुप्त बातें उसके समक्ष खुलकर कहेंगे; और वह भी हमारे साथ प्रेम से बातें करेगा और रोज ब रोज हमें नई नई बातें बतायेगा। #dailybreadhindi #biblesandesh #hindibiblemessage #shortbiblemessage #hindibiblestudy #yeshudarshan #hebronheadquater #hebronassembly #brobakhtsingh