У нас вы можете посмотреть бесплатно Shiv Ashtottara Shatanamavali भगवान शिव के 108 नाम.... или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
श्री शिव अष्टोत्तर शतनामावली (भगवान शिव के 108 नाम) का पाठ करने के अत्यंत कल्याणकारी प्रभाव माने गए हैं। शिव जी को 'भोलेनाथ' और 'आशुतोष' (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) कहा जाता है, इसलिए उनके नामों का जप बहुत जल्दी फल देता है। इसके पाठ के मुख्य लाभ : 1. भय और अकाल मृत्यु से रक्षा भगवान शिव 'मृत्युंजय' और 'महाकाल' हैं। इनके 108 नामों का जाप करने से अकाल मृत्यु (premature death) का भय समाप्त होता है और जीवन में आने वाली दुर्घटनाओं या अचानक आने वाले संकटों से रक्षा होती है। 2. उत्तम स्वास्थ्य और आरोग्य शिव जी को 'वैद्यनाथ' (देवताओं के चिकित्सक) भी कहा जाता है। जो लोग लंबी बीमारी से जूझ रहे हैं, उनके लिए इन नामों का पाठ औषधि के समान कार्य करता है और शारीरिक कष्टों को कम करता है। 3. मानसिक शांति और तनाव मुक्ति भगवान शिव ध्यान और वैराग्य के प्रतीक हैं। इनके नामों का उच्चारण मन की बेचैनी, क्रोध और तनाव को शांत करता है। यह एकाग्रता (concentration) बढ़ाने और मानसिक संतुलन प्राप्त करने के लिए अचूक उपाय है। 4. ग्रह दोषों (विशेषकर शनि और राहु) का निवारण ज्योतिष के अनुसार, भगवान शिव सभी ग्रहों के स्वामी हैं। विशेष रूप से शनि, राहु और केतु के बुरे प्रभावों को शांत करने के लिए शिव नामावली का पाठ सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। 5. पापों का नाश और चित्त की शुद्धि 'हर' का अर्थ है 'हरने वाला' (दूर करने वाला)। शिव जी के नाम मनुष्य के ज्ञात और अज्ञात पापों को नष्ट करते हैं और मन (चित्त) को निर्मल करते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 6. सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति चूंकि शिव जी बहुत कम पूजा में ही प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए सोमवार या प्रदोष काल में इन नामों के साथ बेलपत्र अर्पित करने से धन, पारिवारिक सुख और संतान प्राप्ति जैसी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। 7. मोक्ष की प्राप्ति आध्यात्मिक दृष्टि से, शिव नामावली का नियमित पाठ साधक को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त कर मोक्ष (कैवल्य) की ओर ले जाता है। पाठ करने का विशेष समय: सोमवार: यह शिव जी का दिन है, इस दिन पाठ करना विशेष फलदायी है। प्रदोष काल: त्रयोदशी तिथि की शाम (सूर्यास्त के समय) को पाठ करने से विशेष पुण्य मिलता है। महाशिवरात्रि या श्रावण मास: इन अवसरों पर इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है।