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उत्तरप्रदेश के सफल बकरी पालक से मिलिए | Goat farming in india | bakri palan profit बकरी पालन (Goat Farming) एक ऐसा व्यवसाय है जिसे "एटीएम" (ATM) भी कहा जाता है क्योंकि इससे ज़रूरत पड़ने पर कभी भी नकद पैसा कमाया जा सकता है। एक सफल बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने के लिए इन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देना ज़रूरी है: 1. सही नस्ल का चुनाव (Selection of Breed) सफलता की पहली सीढ़ी सही नस्ल है। अपने क्षेत्र की जलवायु के अनुसार नस्ल चुनें: मांस के लिए: ब्लैक बंगाल (बिहार/बंगाल के लिए सर्वश्रेष्ठ), बरबरी, और बीटल। दूध और मांस दोनों के लिए: जमनापारी और सिरोही। 2. वैज्ञानिक आवास प्रबंधन (Housing Management) बकरियों को बीमारियों से बचाने के लिए अच्छा बाड़ा (Shed) होना अनिवार्य है: साफ-सफाई: बाड़ा सूखा और हवादार होना चाहिए। नमी बकरियों की सबसे बड़ी दुश्मन है। जगह: एक वयस्क बकरी के लिए लगभग 10-12 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होती है। ऊंचाई: जमीन से थोड़ा ऊपर (Raised floor) लकड़ी के तख्तों का उपयोग करना पैरों की बीमारियों को रोकता है। 3. संतुलित आहार (Feeding) सिर्फ चराने से बकरी पालन में बड़ा मुनाफा नहीं होता, इसके लिए आपको पूरक आहार देना होगा: हरा चारा: बरसीम, नेपियर घास या पेड़ों की पत्तियां। दाना मिश्रण: मक्का, गेहूं का चोकर और चने की भूसी का मिश्रण। खनिज मिश्रण (Mineral Mixture): उनकी हड्डियों और विकास के लिए रोज़ाना दाने में मिलाकर दें। 4. स्वास्थ्य और टीकाकरण (Health & Vaccination) मृत्यु दर कम करना ही लाभ का मुख्य मंत्र है: टीकाकरण (Vaccination): PPR, ET (Enterotoxemia), और खुरपका-मुँहपका (FMD) के टीके समय पर लगवाएं। कीड़े की दवा (Deworming): हर 3 महीने में पेट के कीड़ों की दवा ज़रूर दें। 5. मार्केटिंग और बिक्री (Marketing) त्योहारों (जैसे ईद) और स्थानीय बाजारों (हाट) पर नज़र रखें। बिचौलियों के बजाय सीधे ग्राहकों या कसाई को बेचने से अधिक मुनाफा होता है। नस्ल सुधार करके आप अन्य किसानों को 'ब्रीडिंग' के लिए अच्छी नस्ल की बकरियां महंगे दाम पर बेच सकते हैं। प्रशिक्षण (Training): शुरू करने से पहले अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या पशुपालन विभाग से 3-5 दिन की ट्रेनिंग ज़रूर लें। #farming #bakripalankaisekre #goatfarming #goatfarm #goat #goats #goatfarm #bakri #bakripalankaisekre #bakrifarming #goats #bakriwala #bakrifarming #goat