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पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे: बिजनौर में भूमि अधिग्रहण और विकास की पहल यह स्रोत उत्तर प्रदेश में पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु बिजनौर जिले में शुरू हुई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की जानकारी देता है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत जिले के 131 गांवों की जमीन ली जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को भारी मुआवजा मिलने और क्षेत्र में आर्थिक विकास तेज होने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे बिजनौर की चार प्रमुख तहसीलों से होकर गुजरेगा और इसके लगभग 55 किलोमीटर लंबे हिस्से पर 2,729 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रशासन ने अधिग्रहण को सुचारू बनाने के लिए संबंधित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रा के समय में भारी कमी आएगी। कुल मिलाकर, यह लेख बुनियादी ढांचे के विकास और उससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव पर केंद्रित है। पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे से बिजनौर के विकास पर क्या प्रभाव पड़ेगा? जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया और किसानों के मुआवजे के बारे में विस्तार से बताएं। यह एक्सप्रेसवे किन जिलों को जोड़ता है और इसका मुख्य मार्ग क्या है? पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण से बिजनौर जिले के विकास और कनेक्टिविटी को नई रफ़्तार मिलने की उम्मीद है। स्रोतों के अनुसार, इस परियोजना से बिजनौर के आधारभूत ढांचे और अर्थव्यवस्था पर निम्नलिखित प्रमुख प्रभाव पड़ेंगे: 1. आर्थिक लाभ और किसानों की आय में वृद्धि इस परियोजना को बिजनौर के 131 गांवों के लिए 'लॉटरी' और 'धनवर्षा' के रूप में देखा जा रहा है। किसानों को मुआवजा: एक्सप्रेसवे के लिए जिन 131 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, वहां के किसानों को मुआवजे के रूप में लाखों रुपये मिलेंगे। जमीनों की कीमतों में उछाल: हाईवे के निर्माण के साथ ही आसपास की जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे स्थानीय रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। बड़ा निवेश: बिजनौर जिले में बनने वाले एक्सप्रेसवे के हिस्से पर करीब 2,729 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जो जिले में बड़े आर्थिक प्रवाह को दर्शाता है। 2. बेहतर कनेक्टिविटी और आसान सफर यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन को बेहद आसान बना देगा। रूट: प्रस्तावित रूट के अनुसार, एक्सप्रेसवे मुजफ्फरनगर की ओर से बिजनौर में प्रवेश करेगा और धामपुर तहसील क्षेत्र से होते हुए मुरादाबाद की दिशा में आगे बढ़ेगा। सुविधा: इससे न केवल बिजनौर जिले को तेज और सुरक्षित यातायात की सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों से जुड़ाव भी मजबूत होगा। 3. प्रभावित क्षेत्र और आधारभूत ढांचा यह 'हाई-स्पीड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे' बिजनौर जिले में लगभग 55 किलोमीटर लंबा होगा। यह जिले की चार प्रमुख तहसीलों से होकर गुजरेगा, जिससे इन क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित होगा: नजीबाबाद: 50 गांव नगीना: 38 गांव धामपुर: 37 गांव बिजनौर: 6 गांव 4. तत्काल प्रशासनिक प्रभाव भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही प्रशासन ने संबंधित गांवों में भूमि के बैनामे (sale deeds) और भूमि उपयोग परिवर्तन पर अस्थायी रोक लगा दी है ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। संक्षेप में, यह एक्सप्रेसवे बिजनौर के लिए कनेक्टिविटी का एक नया आयाम स्थापित करेगा और जिले में बड़े पैमाने पर निवेश और विकास लाएगा,। #infrastructureindia #indiainfrastructure #delhimumbaiexpressway #greenfieldexpressway #expressway #पानीपतगोरखपुरएक्सप्रेसवे #बिजनौरभूमि अधिग्रहण #उत्तरप्रदेशएक्सप्रेसवे #भूमि अधिग्रहण #एक्सप्रेसवेप्रोजेक्ट #UPInfrastructure #बिजनौरन्यूज #किसानमुआवजा #हाईवेप्रोजेक्ट #ग्रामीणविकास #UPNews #NationalHighway #ExpresswayUpdate #BijnorDistrict #InfrastructureIndia #greenfield #abcd2day #abcdtoday #expertrp #rpkumawaterolav