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हर बीमारी का इलाज? आदिवासी फेस्टिवल में चमत्कारी दवा का बड़ा दावा | जमशेदपुर :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: भारत की आदिवासी (Tribal) समुदाय सदियों से प्रकृति के साथ गहरा संबंध रखते आए हैं। जंगल, पहाड़ और प्राकृतिक संसाधन इनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इन्हीं परंपराओं से विकसित हुई है आदिवासी औषधीय प्रणाली — जो जड़ी-बूटियों, पेड़ों की छाल, जड़ों, बीजों और प्राकृतिक तत्वों पर आधारित होती है। जमशेदपुर में आयोजित आदिवासी फेस्टिवल के दौरान विभिन्न समुदायों ने अपनी पारंपरिक दवाइयों और उपचार पद्धतियों को प्रदर्शित किया। इन दवाओं के बारे में स्थानीय वैद्यों का कहना है कि ये अनुभव और पीढ़ियों से मिले ज्ञान पर आधारित हैं। 🌿 आदिवासी दवाइयों की मुख्य विशेषताएं: • प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार • पारंपरिक ज्ञान और लोक अनुभव पर आधारित • ग्रामीण और वन क्षेत्रों में प्रचलित • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर कुछ दवाओं का उपयोग जोड़ों के दर्द, त्वचा संबंधी समस्याओं, पेट की तकलीफ, सर्दी-खांसी और सामान्य कमजोरी में बताया जाता है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन पारंपरिक उपचारों के सभी दावे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हों — ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए किसी भी दवा का सेवन करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। 🇮🇳 भारत की प्रमुख आदिवासी समुदाय भारत में 700 से अधिक अनुसूचित जनजातियाँ (Scheduled Tribes) निवास करती हैं। इनमें से कुछ प्रमुख समुदाय हैं: • संथाल • मुंडा • उरांव • गोंड • भील • हो • खासी • नागा • टोडा • बोडो इन समुदायों की अपनी अलग भाषा, संस्कृति, परंपरा और चिकित्सा ज्ञान प्रणाली है। झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर-पूर्वी राज्यों में आदिवासी आबादी विशेष रूप से अधिक है। 🎥 इस वीडियो में हमने: ✔️ आदिवासी दवाओं की झलक ✔️ स्थानीय वैद्यों से बातचीत ✔️ लोगों के अनुभव ✔️ और पारंपरिक ज्ञान की विरासत आपके सामने प्रस्तुत की है। 📍 स्थान: जमशेदपुर 🎤 प्रस्तुति: जमशेदपुर संवाद 🛑All India Tribal Food Culture – Professional Version) भारत की आदिवासी (Tribal) समुदाय सदियों से प्रकृति के साथ गहरे संबंध में जीवन जीते आए हैं। उनका खानपान स्थानीय संसाधनों, मौसम और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित होता है। यही कारण है कि उनका भोजन सादा होने के बावजूद पौष्टिक, संतुलित और प्राकृतिक होता है। देशभर में 700 से अधिक अनुसूचित जनजातियाँ निवास करती हैं — जैसे संथाल, मुंडा, गोंड, भील, उरांव, बोडो, खासी, नागा और अन्य समुदाय। हर क्षेत्र की अपनी अलग खाद्य परंपरा है, लेकिन एक समानता है — प्रकृति के प्रति सम्मान और स्थानीय भोजन पर निर्भरता। 🌾 मध्य भारत और झारखंड क्षेत्र झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदायों में मड़ुआ (रागी), कोदो, ज्वार, बाजरा और चावल प्रमुख अनाज हैं। महुआ के फूल, कंद-मूल, जंगल की साग-सब्जियां और बांस की कोपलें भोजन का हिस्सा हैं। कुछ पारंपरिक व्यंजन जैसे: • धुस्का • चावल आधारित पकवान • पत्तों में पकाया गया भोजन • हांड़िया (चावल से बना पारंपरिक पेय) इनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। 🌄 नॉर्थ-ईस्ट भारत का आदिवासी खानपान नॉर्थ-ईस्ट के राज्य जैसे Assam, Nagaland, Meghalaya, Mizoram, Arunachal Pradesh और Manipur में आदिवासी समुदायों का भोजन पूरी तरह स्थानीय और जैविक होता है। यहां की प्रमुख विशेषताएं: • उबला या हल्का भाप में पका भोजन • किण्वित (fermented) खाद्य पदार्थ • बांस की कोपलें • स्मोक्ड मीट • चावल मुख्य आहार नागा और खासी समुदायों में स्मोक्ड पोर्क और बांस की डिश प्रसिद्ध हैं। असम में चावल आधारित भोजन और किण्वित व्यंजन आम हैं। भोजन में मसाले कम और प्राकृतिक स्वाद अधिक होता है। 🌿 पश्चिम और दक्षिण भारत महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के भील व अन्य जनजातीय समुदाय बाजरा और ज्वार आधारित भोजन लेते हैं। दक्षिण भारत की कुछ जनजातियाँ जंगल के कंद-मूल, शहद और स्थानीय फल पर निर्भर रहती हैं। 🌱 आदिवासी खानपान की मुख्य विशेषताएं ✔️ प्राकृतिक और ताजा सामग्री ✔️ मोटे अनाज का अधिक उपयोग ✔️ जंगल आधारित साग-सब्जियां ✔️ कम मसाले, ज्यादा प्राकृतिक स्वाद ✔️ शारीरिक श्रम के अनुरूप पोषण आदिवासी भोजन केवल खाने की परंपरा नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति, पर्यावरण और जीवन दर्शन का प्रतिबिंब है। 🎥 इस वीडियो में हम आदिवासी समुदायों की दवाइयों, खानपान और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत कर रहे हैं — ताकि लोग भारत की इस समृद्ध विरासत को समझ सकें। अगर आपको ऐसी जानकारीपूर्ण और सांस्कृतिक ग्राउंड रिपोर्ट पसंद आती हैं तो वीडियो को लाइक 👍 करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: Your Queries Jharkhand tribal festival Jamshedpur tribal news Jamshedpur samvad news Jharkhand adiwasi culture All India tribal community Indian tribal food culture North East tribal food Tribal medicine India Adiwasi dawa Jharkhand Jamshedpur ground report Jharkhand latest news 2026 Indian tribal lifestyle Adivasi festival India Tribal herbal medicine :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: #Jamshedpur #JamshedpurSamvad #AdiwasiFestival #TribalMedicine #JharkhandNews #DesiDawa #HerbalMedicine #GroundReport #JharkhandCulture #TraditionalHealing #Jharkhand #Jamshedpur #JamshedpurSamvad #Adiwasi #TribalIndia #AdiwasiFestival #JharkhandNews #IndianTribal #TraditionalMedicine #HerbalDawa #NorthEastIndia #TribalFood #IndianCulture #GroundReport #ViralIndia #IndiaNews #sakchi #bistupur #jharkhand #jharkhandtribes