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Jodhpur History: फिल्मों के भगवान महिपाल की अनसुनी कहानी। #chauthapaya #bollywood #indiancinema राजस्थान का Jodhpur शहर केवल किलों, हवेलियों और लोकसंस्कृति के लिए नहीं, बल्कि Hindi Cinema की रचनात्मक धारा के लिए भी जाना जाता है। इसी शहर ने Bollywood को Actors, लेखक, Directors और विचारधारा दी। इनमें Indian Cinema का सर्वोच्च सम्मान Dada Saheb Falke अवार्ड हासिल करने वाले विश्व विख्यात निर्माता निर्देशक Mani Kaul हैं तो Sagar Films के पहले टीवी धारावाहिक विक्रम-बेताल के जरिए दिलों में छा जाने वाले गीतकार-अदाकार सज्जन भी हैं और 1960 के दशक के Handsome Boy शैलेश कुमार भी हैं। इन तीनों का जन्म जोधपुर में हुआ और फिल्मी दुनिया को इनका योगदान Jodhpur History का एक स्वर्णिम अध्याय है। इसी परंपरा की सबसे उजली कड़ी हैं Mahipal, जिन्हें भारतीय सिनेमा में “धार्मिक फिल्मों का सम्राट” और “फिल्मों का भगवान” कहा गया। देश में सर्वाधिक धार्मिक फिल्मों यानी Mythological Films में अभिनय का रिकॉर्ड बनाने वाले महिपाल भंडारी केवल फिल्म अभिनेता नहीं थे, वे एक आध्यात्मिक छवि बन गए। उन्होंने राम, कृष्ण, शिव, विष्णु, हनुमान, अर्जुन, हरिश्चंद्र, नल-दमयंती जैसे पौराणिक पात्रों को पर्दे पर जीवंत किया। उनकी फिल्म 'जय संतोषी मां' तो इतनी हिट हुई कि फिल्म आने के बाद कई शहरों में संतोषी माता के मंदिर तक बन गए। उनकी खासियत यह थी कि अभिनय में नाटकीयता नहीं, श्रद्धा दिखती थी। उनके चेहरे पर अभिनय नहीं, आस्था नजर आती थी। परिवार के विरोध के बावजूद 125 रुपए वेतन पर पहली राजस्थानी फिल्म 'नजराना' के लिए चुने गए महिपाल ने V, Shantaram की फिल्म 'नवरंग' में ऐसा किरदार निभाया कि उन पर फिल्माया गया गीत 'आधा है चंद्रमा...रात आधी...' आज भी हर किसी की जुबान पर है। इससे पहले उन्होंने होमी वाडिया के निर्देशन में पहली धार्मिक फिल्म 'श्री गणेश महिमा' में प्रख्यात अभिनेत्री Meena Kumari के साथ काम किया। उन्होंने वी. शांताराम की फिल्मों में गीत भी लिखे। जबक, पारसमणि, कोबरा गर्ल, हातिमताई, अलीबाबा और 40 चोर जैसी 130 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले जोधपुर के लाल महिपाल आखिरी बार 1984 में फिल्म अमर ज्योति में नजर आए थे। जोधपुर ने महिपाल को जन्म दिया और महिपाल ने जोधपुर को भारतीय सिनेमा के आध्यात्मिक मानचित्र पर स्थापित कर दिया। आज डिजिटल सिनेमा के दौर में भी, अगर भक्ति सिनेमा की आत्मा खोजनी हो तो एक ही नाम मिलेगा महिपाल। जोधपुर की मिट्टी से निकला यह कलाकार, आज भी भारतीय संस्कृति की स्मृति में जीवित है। About this Video : जोधपुर से निकलकर बॉलीवुड में भक्ति सिनेमा का सबसे बड़ा प्रतीक बने महिपाल की पूरी कहानी। अभिनेता, गीतकार, लेखक और धार्मिक फिल्मों के सबसे बड़े सितारे महिपाल की फिल्म यात्रा, प्रमुख फिल्में और उनकी विरासत पर आधारित यह विशेष वीडियो। यह वीडियो केवल एक कलाकार की कहानी नहीं, यह भारतीय आस्था, संस्कृति और सिनेमा के संगम की कहानी है। कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखिए। वीडियो को Like & Share तथा चैनल को सब्सक्राइब भी कीजिए। अगले रविवार ऐसी ही रोचक कहानी के साथ फिर मुलाकात होगी। KeyWords- Jodhpur History, Indian Cinema, Bollywood, Mahipal, Hindi Cinema, Mythological Films, Mani Kaul. Dada Saheb Falke Award, V.Shantaram, Blockbuster Movies, Jodhpur Cinema, Indian Cinema History, Cinema Heritage, Hindi Devotional Movies, Sajjan, Vikram Bataal, Sagar Films, Ramayana, Shailesh Kumar, Jodhpur, Rajasthan, Jodhpur Pride, Bollywood Legends, Chautha Paya, #jodhpurhistory #indiancinema #bollywood #mahipal #hindicinema #mythologicalfilm #vshantaram #blockbustermovie #cinemahistory #vikrambetaal #ramanandsagar #ramayana #shaileshkumar #jodhpur #rajasthan #bollywoodlegends #chauthapaya Suresh Vyas, chauthapaya@gmail.com