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Om Birla पर आफत, पद बचाएं या प्रतिष्ठा? #chauthapaya #loksabha #noconfidencemotion #congress #modishah Loksabha स्पीकर Om Birla के खिलाफ आखिर Congress की अगुवाई में 118 से ज्यादा विपक्षी सासंदों ने 10 फरवरी 2026 को No Confidence Motion का नोटिस दे ही दिया। हालांकि बिरला के खिलाफ सदैव मुखर रहने वाली Trinmool Congress ने इस मामले में कांग्रेस को गच्चा दे दिया, लेकिन विपक्ष के इस दाव से Speaker बिरला बुरी तरह फंस गए हैं। उनके सामने प्रश्न खड़ा हो गया है कि वे अपना पद बचाने का प्रयास करें या इस्तीफा देकर प्रतिष्ठा बचाएं। हालांकि लोकसभा के इतिहास में यह चौथा मौका है, जब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है। इससे पहले आए तीन प्रस्तावों में से एक तो चर्चा से पहले ही खारिज हो गया और दो प्रस्ताव चर्चा के बाद भी पारित नहीं हो पाए। पहला प्रस्ताव लोकसभा के पहले स्पीकर GV Mavlankar के खिलाफ Socialist Party के विग्नेश्वर मिश्र ने 1954 में पेश किया था। यह प्रस्ताव सदन में दो घंटे चर्चा के बाद खारिज हो गया। दूसरा मामला 1966 में समाजवादी नेता Madhu Limye सरदार हुकुमसिंह के खिलाफ अविश्वास नोटिस का था, लेकिन ये पारित नहीं हो सका। तीसरी बार स्पीकर Balram Jakhad के खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव 1987 में CPM नेता Somnath Chaterjee लाए, यह भी सदन में पास नहीं हो सका। अब चौथी बार Om Birla के खिलाफ अविश्वास का नोटिस दिया गया है, लेकिन इससे पहले पहली बार परम्परा से परे बिरला सदन शुरू होने पर आसन पर नहीं आए। उन्होंने लोकसभा सचिवालय को अपने खिलाफ आए नोटिस पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश जरूर दिए हैं। प्रस्ताव विचाराधीन रहते स्पीकर सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते। उनकी जगह उपाध्यक्ष आसन सम्भालता है, लेकिन अभी तो Loksabha में कोई Deputy Speaker भी नहीं है। ऐसे में सभापति पैनल में शामिल लोग ही आगामी बैठकों में आसन सम्भालेंगे। Opposition Parties या India Alliance का यह कदम Parliament में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। विपक्ष ने निष्पक्ष रूप से सदन चलाने और बहस के अवसरों को लेकर असंतोष जताते हुए अविश्वास का नोटिस दिया है। संख्याबल के हिसाब से अविश्वास का प्रस्ताव सदन में आने के बाद भी पारित होना मुश्किल है। भाजपा और एनडीए बहुमत (लगभग 293 सांसद) के साथ मजबूत स्थिति में हैं, जबकि विपक्ष के 118 हस्ताक्षर प्रस्ताव को स्वीकार्य बनाने के लिए पर्याप्त हैं लेकिन पास करने के लिए अपर्याप्त। प्रस्ताव भले ही पारित हो या न हो, लेकिन इससे स्पीकर की प्रतिष्ठा पर प्रश्न चिह्न तो लगता ही है। About this Video : 🔥 लोकसभा स्पीकर Om Birla पर अविश्वास प्रस्ताव का पूरा विश्लेषण! 🔥 Rahul Gandhi vs Birla 🔥 इतिहास के 3 उदाहरण, प्रक्रिया, बहस समय और भविष्य 🔥 क्या स्पीकर हटेंगे? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं कि क्या वाकई ओम बिरला ने निष्पक्षता नहीं रखी या क्वेया किसी सियासी चाल में फंस रहे हैं? वीडियो को Like & Share तथा चैनल को सब्सक्राइब भी करें। KeyWords Loksabha Speaker, Om Birla, No Confidence Motion, Indian Parliament, Rahul Gandhi, Rahul Vs Birla, Congress, India Alliance, Opposition Parties, Trinmool Congress, TMC, Samajwadi Party, Budget Session, PM Modi, Modi-Shah, GV Mavlankar, Sardar Hukum Singh, Balram Jakhad, Madhu Limye, Somnath Chaterjee, Speaker Removal, Indian Politics, Political Analysis, Breaking News, Political Updates, Chautha Paya, #loksabhaspeaker #ombirla #noconfidencemotion #indianparliament #rahulgandhi #congress #indiaalliance #oppositionparties #trinmoolcongress #samajwadiparty #budgetsession2026 #pmmodi #modishah#indianpolitics #politicalanalysis #breakingnews #politicalupdates #chauthapaya Suresh Vyas, chauthapaya@gmail.com