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लोकेशन : ओरमांझी (पाँचा) रिपोर्टर : अमिताभ पाण्डेय हेडलाइन – अनुदान से वंचित आदर्श उच्च विद्यालय हेडलाइन : 502 छात्रों का भविष्य और शिक्षकों की रोज़ी-रोटी संकट में हेडलाइन – गरीब-किसान बहुल क्षेत्र में शिक्षा पर खतरा हेडलाइन : सरकार से अनुदान बहाल करने की मांग तेज एंकर नमस्कार आप देख रहे हैँ सोना न्यूज़ टीवी झारखण्ड और मैं हुँ एंकर का नाम... आगे बढ़ते हैँ खबरों कि और.. ओरमांझी प्रखंड के पाँचा स्थित आदर्श उच्च विद्यालय से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है, जहाँ अनुदान बंद होने से न सिर्फ शिक्षकों और कर्मचारियों पर संकट गहराया है, बल्कि 500 से अधिक गरीब छात्रों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। वर्ष 1982 से जनसहयोग से संचालित आदर्श उच्च विद्यालय को 1989 में बिहार सरकार से स्थापना की अनुमति मिली थी। वर्ष 2006 से यह विद्यालय झारखंड सरकार की स्थायी स्वीकृति के साथ अनुदानित विद्यालय के रूप में संचालित हो रहा था। आदिवासी, हरिजन, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग बहुल इस क्षेत्र में यह विद्यालय शिक्षा की रीढ़ माना जाता है। विद्यालय में वर्तमान में 502 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं, जिनमें लगभग 95 प्रतिशत विद्यार्थी गरीब मजदूर और किसान परिवार से आते हैं। पश्चिम दिशा में 7 किलोमीटर और पूरब दिशा में 25 किलोमीटर तक कोई सरकारी उच्च विद्यालय नहीं होने के कारण यह विद्यालय लगभग 40 हजार की आबादी के लिए शिक्षा का एकमात्र प्रमुख केंद्र है। प्रधानाध्यापक विनय कुमार मिश्र के अनुसार, सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन अनुदान आवेदन को प्रयोगशाला के तीन कमरे, पुस्तकालय और कंप्यूटर कक्ष पूर्ण नहीं होने का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद विद्यालय को अनुदान से वंचित कर दिया गया। प्रधानाध्यापक विनय कुमार मिश्र ने बताया कि “अनुदान बंद होने से शिक्षक और कर्मचारी दैनिक मजदूर से भी कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा।” अनुदान रुकते ही विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। विद्यालय प्रबंधन समिति और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द अनुदान बहाल नहीं हुआ, तो विद्यालय का संचालन मुश्किल हो जाएगा। जिला परिषद सदस्य सरिता देवी, मंडल प्रतिनिधि राजधाम साहू सहित कई जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने राज्य सरकार से मानवीय और सकारात्मक पहल की अपील की है। जिला परिषद सदस्य सरिता देवी ने कहा कि “यह विद्यालय क्षेत्र के गरीब बच्चों की उम्मीद है। सरकार को जल्द अनुदान बहाल करना चाहिए।” अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार शिक्षा के इस महत्वपूर्ण केंद्र को बचाने के लिए आगे आएगी, या फिर आर्थिक संकट की मार में सैकड़ों बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। सोना न्यूज़ टीवी झारखण्ड के लिए ओरमांझी से अमिताभ पाण्डेय कि रिपोर्ट...