У нас вы можете посмотреть бесплатно Baiju Dham, Gaya Bihar | बैजू धाम, गया बिहार | गुरूआ प्रखंड | बिहार का देवघर | GayaSight или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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#BaijuDham #GayaBihar #gayasight आज मैं आपको गया जिला में स्थित बैजूधाम का दर्शन करवाने वाला हूं। बैजूधाम, गया शहर से तकरीबन 25 किलोमीटर दूर गुरुआ प्रखंड में, प्रखंड मुख्यालय से लगभग 4 किलोमीटर दूर मोरहर नदी के तट पर स्थित है। वहीं चेरकी से बैजू धाम की दूरी लगभग 8 किलोमीटर है। श्रावणी मेला शुरू होते ही बैजू धाम में शिव भक्तों तथा कांवरियों का लगा रहता है साथ ही प्रत्येक वर्ष शिवरात्रि के दिन भव्य मेला का आयोजन होता है। मोरहर नदी के तट पर स्थित और चारों ओर मरहक पहाड़ियों और मनोरम जंगलों से घिरा, प्राकृतिक छटा में स्थित बैजू धाम पर्यटकों को अपनी ओर काफी आकर्षित करता है एवं इस मंदिर के निर्माण होने के पीछे एक अद्भुत दंत कथा है। समय था 2000 ईस्वी, मोहर नदी के तट पर स्थित होने के कारण बैजू बिगहा नामक गांव में बाढ़ जैसा महौल बन गया था, इस कारण गांव के कई लोग अपने जानवरों को चराने के लिए मरहक पहाड़ पर चढ़ गए। एक चरावाह अपने जानवर को चराने के क्रम में पहाड़ पर बैठ बस यूं ही अपने डंडे से पहाड़ पर जमीन की मीटी को खोद रहा था। तभी अचानक उसे अद्भुत स्थिति में काले रंग का पत्थर दिखाई दिया। वहां उपस्थित सभी लोग मिलकर मिट्टी हटाने लगे इसी खुदाई में एक विशाल शिवलिंग निकला ये खबर इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई। समय 2000 ईस्वी होने के कारण कई लोग कहने लगे की बिहार का बंटवारा होने के बाद देवघर स्थित भोले बाबा झारखंड में चले गए हैं इसलिए बिहार में महक की पहाड़ी पर बाबा भोलेनाथ बैजूधाम के रूप में उत्पन्न हुए हैं। आसपास के लोग उस शिवलिंग का पूजा अर्चना करने पहुंचने लगे। बैजू बीघा में स्थित होने के कारण तथा बैजनाथ धाम देवघर के तर्ज पर इस स्थान का नाम बैजू धाम रखा गया। बाद में कई नेता यहां पहुंचे और इसका विकास बोधगया, राजगीर, नालंदा की तरह करने का आश्वासन दिया है।