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लिखावट (साहित्य और विचार की संस्था ) ( 1989 में स्थापित ) ऑनलाइन प्रस्तुति [लिखावट के यूट्यूब चैनल Likhawat Delhi को लाइक और सब्सक्राइब करें ] कविता-पाठ कविता दिल्ली : अंक बारह आमंत्रित कवि राकेशरेणु परिकल्पना और संयोजन मिथिलेश श्रीवास्तव राकेशरेणु वैज्ञानिक चेतना, स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतांत्रिकता और समता के पक्षधर कवि राकेशरेणु का जन्म 17 अगस्त 1963 को सीतामढ़ी (बिहार) में हुआ। उनके अब तक तीन कविता संग्रह - 'रोज़नामचा' (1994), 'इसी से बचा जीवन' (2019), ‘नये मगध में’ (2023) प्रकाशित हैं। कुछ कविताओं का अंग्रेज़ी और अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ है। वे पिछले तीन दशक से अधिक समय से साहित्यिक पत्रकारिता करते रहे हैं। राकेशरेणु ने ‘समकालीन परिभाषा’ और ‘आजकल’ सहित छह पत्रिकाओं का संपादन किया है। उन्होंने अब तक सात पुस्तकों का संपादन किया है - ‘साहित्य के नामवर’, ‘सोबती की सोहबत में’, ‘फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यास’, ‘समकालीन हिन्दी कहानियाँ’, ‘सौ वर्ष बाद छायावाद’, ‘समकालीन मैथिली साहित्य’ और ‘यादों के झरोखे’। कविता के अलावा उन्होंने विपुल वैचारिक और आलोचनात्मक लेखन भी किया है। ‘रोटी का गद्य’ वैचारिक लेखों का पहला संग्रह है और ‘कवि का छाता’ नाम से आलोचनापरक लेखों का दूसरा संग्रह शीघ्र प्रकाश्य है। पुरस्कार/सम्मान : रुक्मिणी देवी सम्मान, इलाहाबाद, 2022; ज्ञान मीडिया अवार्ड, नई दिल्ली, 2006; साहित्य संस्कृति सम्मान जबलपुर, 1996 । वे भारतीय सूचना सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। मोबाइल : 9868855430, 9868855425 ईमेल : pran.b339@gmail.com मिथिलेश श्रीवास्तव कवि और संस्कृति समीक्षक जन्म : हरपुरटेगराही , गोपालगंज, बिहार 25 जनवरी, 1958 पुस्तकें : कविता-संग्रह किसी उम्मीद की तरह (आधार प्रकाशन, पंचकूला ) पुतले पर गुस्सा (शिल्पायन, नई दिल्ली ) औरत ही रोती है पहले (परिकल्पना, नई दिल्ली ) चयनित कविताएँ (न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन ) कई नींदों के बाद (शीघ्र प्रकाश्य ) गद्य कवि का कहा (राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, नई दिल्ली ) दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और आलोचक मनोज कुमार सिंह द्वारा मिथिलेश श्रीवास्तव पर संपादित पुस्तक 'भारतीय जनतंत्र और मिथिलेश श्रीवास्तव की कविता ' साहित्यिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर निरंतर लेखन; सामाजिक -राजनीतिक मुद्दों पर स्तंभ लेखन; कई वर्षों तक दैनिक जनसत्ता में रंगमंच के विविध गतिविधियों और रंगप्रस्तुतियों पर नियमित स्तंभ-लेखन; 'दैनिक हिंदुस्तान ' चित्रकला पर स्तंभ लेखन ; जनसंदेश अख़बार में समकालीन राजनीति की दशा दिशा को लेकर कई वर्षों तक स्तंभ लेखन | रंगमंच और समकालीन कला पर नियमित लेखन| कविता और विचार की संस्था लिखावट के संयोजक | केंद्रीय साहित्य अकादमी, दिल्ली हिंदी अकादमी , हरियाणा साहित्य अकादमी सरीखे देश भर की अकादमियों और अनेक संस्थानों में कविता-पाठ;| विदेशों में कविता-पाठ | पुरस्कार फाउंडेशन ऑफ़ सार्क राइटर्स एंड लिटरेचर अवार्ड और अन्य पुरस्कार सूरीनाम, नेपाल और यूएस के अनेक शहरों की यात्राएँ संपर्क : फ्लैट नंबर :444, न्यू अशिआना सीजीएचएस लिमिटेड, प्लॉट नंबर :10 , सेक्टर-6 , द्वारका, नई दिल्ली-110075 ; मोबाइल:9868628602